सन्दर्भ:
: एक वर्ष से अधिक की देरी के बाद, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा देहरादून में सिंक्रोनस ऑल इंडिया एलिफेंट एस्टीमेशन 2021-25 (SAIEE 2021–25) के परिणाम जारी किए गए, जिसमें पूरे भारत में 22,446 हाथियों की रिपोर्ट दी गई।
SAIEE 2021–25 के बारें में:
: SAIEE भारत में एशियाई हाथियों (एलिफस मैक्सिमस) की राष्ट्रव्यापी समन्वित जनगणना है, जो हर पाँच साल में उनकी आबादी, वितरण और आवास स्वास्थ्य का अनुमान लगाने के लिए आयोजित की जाती है।
: इसका प्रकाशन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा संयुक्त रूप से करते है।
: इसका उद्देश्य- वैज्ञानिक सटीकता और तुलनात्मकता सुनिश्चित करने के लिए बाघ आकलन ढाँचे के साथ समन्वय करके हाथियों की आबादी की निगरानी के लिए एक सुसंगत, डेटा-संचालित आधार रेखा तैयार करना।
: SAIEE 2021–25 के मुख्य परिणाम:-
- भारत भर में हाथियों की कुल आबादी: 22,446।
- क्षेत्रीय वितरण:
- पश्चिमी घाट: 11,934 हाथी – देश का सबसे बड़ा समूह।
- पूर्वोत्तर पहाड़ियाँ और ब्रह्मपुत्र के मैदान: 6,559 हाथी।
- शिवालिक पहाड़ियाँ और गंगा के मैदान: 2,062 हाथी।
- मध्य भारत और पूर्वी घाट: 1,891 हाथी।
- जनसंख्या के हिसाब से शीर्ष राज्य: कर्नाटक (6,013), असम (4,159), तमिलनाडु (3,136), केरल (2,785), उत्तराखंड (1,792)।
- जनसंख्या रुझान:
- खनन और आवास क्षरण के कारण झारखंड (-68%) और ओडिशा (-54%) में गिरावट आई।
- छत्तीसगढ़ (+82.6%) और मध्य प्रदेश में वृद्धि, अशांत पूर्वी क्षेत्रों से पलायन के कारण।
- इसका महत्व:-
- उन्नत बाघ गणना पद्धति (कैमरा ट्रैपिंग, डीएनए विश्लेषण और नमूनाकरण) का उपयोग करके एक नया आधारभूत अनुमान प्रदान करता है।
- गलियारा-आधारित संरक्षण रणनीतियों को डिज़ाइन करने में मदद करता है, जो मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।
