सन्दर्भ:
: भारत सरकार ने PRARAMBH 2026 लॉन्च किया है, जो एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसे अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले आयकर अधिनियम, 2025 के सुचारू कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाना।
PRARAMBH 2026 के बारे में:
- PRARAMBH 2026 (मिशन विकसित भारत के लिए नीति सुधार और ज़िम्मेदार कार्रवाई) एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता और आउटरीच अभियान है, जिसका लक्ष्य करदाताओं को नए आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों, नियमों और अनुपालन आवश्यकताओं के बारे में शिक्षित करना है।
- यह Website 2.0 और AI चैटबॉट ‘कर साथी’ जैसे डिजिटल साधनों के साथ, एक सरल, प्रौद्योगिकी-संचालित और नागरिक-केंद्रित कर प्रशासन की ओर बदलाव को दर्शाता है।
- शामिल संगठन:
- वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग): नीति बनाने और नए आयकर अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन की देखरेख करने वाला नोडल प्राधिकरण।
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT): प्रत्यक्ष करों का प्रशासन करने और PRARAMBH के आउटरीच और सुधारों को लागू करने वाला सर्वोच्च निकाय।
- इसका उद्देश्य:
- यह सुनिश्चित करना कि करदाता और अधिकारी अद्यतन प्रावधानों और अनुपालन प्रणालियों के साथ आसानी से तालमेल बिठा सकें।
- विश्वास-आधारित कराधान प्रणाली का निर्माण करना, जहाँ जागरूकता कर चोरी को कम करती है और ईमानदारी से रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करती है।
- कर प्रशासन में स्पष्टता, विवादों में कमी और नागरिक-अनुकूल प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना।
- मुख्य विशेषताएं:
- मल्टीमीडिया आउटरीच अभियान: टैक्स से जुड़ी जानकारी को बड़े पैमाने पर और असरदार तरीके से फैलाने के लिए अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है।
- टैक्सपेयर गाइडेंस सामग्री: मुश्किल नियमों को आसानी से समझने लायक बनाने के लिए आसान भाषा में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) और ट्यूटोरियल देता है।
- AI चैटबॉट ‘कर साथी’: टैक्सपेयर के सवालों के लिए तुरंत और आसानी से मिलने वाली मदद देता है, जिससे अधिकारियों पर निर्भरता कम होती है।
- इनकम टैक्स वेबसाइट 2.0: बेहतर नेविगेशन, तेज़ सेवाओं और बेहतर इंटरफ़ेस के ज़रिए यूज़र अनुभव को बेहतर बनाता है।
- बहुभाषी संचार: टैक्स से जुड़ी जानकारी कई क्षेत्रीय भाषाओं में देकर सभी को शामिल करना सुनिश्चित करता है।
- क्षमता निर्माण वर्कशॉप: नए कानून को असरदार और एक समान तरीके से लागू करने के लिए देश भर के अधिकारियों को ट्रेनिंग देता है।
- MyGov जुड़ाव पहल: क्विज़ और डिजिटल जागरूकता अभियानों के ज़रिए नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देता है।
- आयकर सेवा केंद्र सहायता: जिन टैक्सपेयर्स के पास डिजिटल पहुंच नहीं है, उनकी मदद के लिए भौतिक सहायता केंद्र उपलब्ध कराता है।
- इसका महत्व:
- सरलीकरण से अस्पष्टता और विवाद कम होते हैं, जिससे टैक्सपेयर स्वेच्छा से नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।
- टैक्सपेयर की सुविधा, भरोसे और सेवा-भाव को प्राथमिकता देकर यह ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को साकार करता है।
