NE क्षेत्र में कैंसर देखभाल हेतु PM-DevINE योजना

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PM-DevINE YOJANA
NE क्षेत्र हेतु PM-DevINE योजना

सन्दर्भ-पूर्वोत्तर भारत में बाल चिकित्सा और वयस्क हेमेटोलिम्फोइड कैंसर के प्रबंधन के लिए समर्पित सेवाओं की स्थापना 129 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर यह परियोजना डॉ. बी. बोरूआ कैंसर संस्थान (बीबीसीआई) गुवाहाटी में स्थापित होगी।
प्रमुख तथ्य-:इस पहल से इस क्षेत्र में कैंसर देखभाल को एक बड़ा बढ़ावा मिलने की आशा है।
:आईसीएमआर की जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री से पता चलता है कि भारत में कैंसर के मामले पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे अधिक हैं,हर साल 45,000 से अधिक नए कैंसर रोगियों का पता चलता है।
:हर साल देश में कैंसर रोगियों का राष्ट्रीय औसत 90-120 प्रति लाख जनसंख्या के आस पास होती है,जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह प्रति लाख जनसंख्या पर 220-270 रोगी तक रहती है।
:इस क्षेत्र में उपचार सुविधाएं अभी भी सीमित हैं।
:रिपोर्ट के अनुसार सिक्किम के 95% रोगी, नागालैंड के 58% रोगी,मणिपुर के 16% रोगी,मेघालय के 13% रोगी कैंसर के इलाज के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र से बाहर जाते हैं।
:इसके अलावा,कुछ कैंसर जैसे बाल चिकित्सा और वयस्क हेमेटोलिम्फोइड (रक्त कैंसर) विकृतियां इलाज योग्य कैंसर रोगों में से हैं और,यदि बेहतर तरीके से उपचार किया जाता है,तो रोगी लम्बे जीवन काल प्राप्त कर सकते है।
:पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक समर्पित बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजी ब्लॉक की स्थापना से इन कैंसर रोगियों की देखभाल के लिए मानव संसाधन और विशेषज्ञता का सृजन होगा।
डॉ. बी. बरूआ कैंसर संस्थान (बीबीसीआई)- 1974 में एक स्वैच्छिक संगठन द्वारा एक निजी अस्पताल के रूप में असम के गुवाहाटी में स्थापित किया गया था
:वर्ष 1980 में,संस्थान को भारत सरकार द्वारा उपचार और अनुसंधान के लिए एक क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई थी।
:और नवंबर 1989 से,बीबीसीआई को असम सरकार,पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास परिषद (डीएई),और भारत सरकार की सहायता प्राप्त हुई थी।
PM-DevINE योजना-केंद्रीय बजट 2022-23 में एक नई योजना, “पूर्वोत्तर के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल”,अर्थात पीएम- डिइवीआईएनई,को पूर्वोत्तर परिषद,पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के माध्यम से लागू किया जाएगा।
:इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री गतिशक्ति की भावना में बुनियादी ढांचे को वित्तपोषित करना है,साथ ही पूर्वोत्तर की महसूस की गई जरूरतों के आधार पर संकल्पित सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन करना है।
:वर्ष 2022-23 के लिए,इस योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया था।


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