
सन्दर्भ-सरकार ने कहा कि अंतरिक्ष विभाग ने इस वर्ष 19 मिशनों की योजना बनाई है,जिसमे चंद्रयान -3,को चंद्रमा पर भारत के मिशन का अगला चरण,“अगस्त 2022” के लिए निर्धारित किया गया है।
प्रमुख तथ्य-:जनवरी से दिसंबर 2022 के दौरान कुल 19 मिशनों की योजना बनाई गई है, जिसमें आठ ‘लॉन्च व्हीकल मिशन’, सात ‘अंतरिक्ष यान मिशन’ और चार ‘प्रौद्योगिकी प्रदर्शक मिशन’ शामिल हैं।
:2019 में अपने लैंडर रोवर के चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंड करने में विफल रहने के बाद अंतरिक्ष एजेंसी ने तीसरे चंद्र मिशन की योजना बनाई।
:उसी वर्ष इजरायली बेरेशीट भी चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
:एक सॉफ्ट-लैंडिंग भारत ऐसा करने वाला चौथा देश और चंद्र दक्षिणी ध्रुव के पास ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा।
:भारत ने पहले एक प्रोब(अंतरिक्ष यान) को दुर्घटनाग्रस्त कर दिया था जिसे अब चंद्रमा पर जवाहर बिंदु कहा जाता है।
:तीसरा मिशन केवल एक संशोधित लैंडर और रोवर को ले जाएगा और पृथ्वी के साथ संचार करने के लिए चंद्रयान-2 मिशन के ऑर्बिटर का उपयोग करेगा।
:पिछले तीन वर्षों में लॉन्च किए गए उपग्रहों की सूची में 12 अगस्त 2021 को लॉन्च किया गया EOS-03 शामिल है, 28 फरवरी 2021 को Amazonia-1 लॉन्च किया गया,सतीश धवन सैट (एसडीसैट) 28 फरवरी 2021 को और यूनिटीसैट 28 फरवरी 2021 को लांच किए गए थे।
:वर्ष 2020 और 2019 में, CMS-01 को 17 दिसंबर 2020 को लॉन्च किया गया था,ईओएस-01 (7 नवंबर 2020),GSAT-30 (17 जनवरी 2020) जबकि 2019 में लॉन्च किए गए RISAT-2BR1 (11 दिसंबर 2019) में शामिल हैं,कार्टोसैट-3 (27 नवंबर 2019),चंद्रयान-2 (22 जुलाई 2019), RISAT-2B (22 मई 2019),एमिसैट (1 अप्रैल 2019),जीसैट-31 (6 फरवरी 2019),माइक्रोसैट-आर (24 जनवरी 2019) और कलामसैट-वी2 (24 जनवरी 2019) इत्यादि लांच किए गए।