सन्दर्भ:
: आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने अतिरिक्त तीन वर्षों के लिए ‘वन हर्ब, वन स्टैंडर्ड’ पहल (OHOS पहल) के तहत अपनी साझेदारी को नवीनीकृत किया।
OHOS पहल के बारें में:
- ‘वन हर्ब, वन स्टैंडर्ड’ पहल अलग-अलग चिकित्सा प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाले औषधीय पौधों के लिए एक जैसा और वैज्ञानिक रूप से तालमेल बिठाने वाला क्वालिटी और टेस्टिंग स्टैंडर्ड (मोनोग्राफ) तय करने के लिए मंत्रालयों के बीच सहयोग का एक ढांचा है।
- लागू करने वाले संगठन:
- फार्माकोपिया कमीशन फॉर इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी (PCIM&H): आयुष मंत्रालय के अंतर्गत।
- इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (IPC): स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय।
- उद्देश्य:
- अलग-अलग फार्माकोपिया में मौजूद क्वालिटी से जुड़े विरोधाभासी पैमानों को खत्म करना और औषधीय जड़ी-बूटियों के लिए एक ही, स्पष्ट और वैज्ञानिक रूप से भरोसेमंद मानक तय करना, ताकि भारतीय बॉटनिकल उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता को बेहतर बनाया जा सके।
- मुख्य विशेषताएं:
- एक जैसे क्वालिटी स्टैंडर्ड: इंडियन फार्माकोपिया (IP) और आयुर्वेदिक, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथिक (ASU&H) फार्माकोपिया में एक ही तरह के औषधीय पौधों के लिए टेस्टिंग के तरीकों और क्वालिटी पैरामीटर को एक जैसा करता है।
- चरण-दर-चरण मोनोग्राफ डेवलपमेंट: पहले चरण (2022 में शुरू) में तैयार किए गए 50 सिंगल-हर्ब मोनोग्राफ की सफलता को आगे बढ़ाता है।
- क्रॉस-सिस्टम इंटीग्रेशन: पांच मान्यता प्राप्त सिस्टम – आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, यूनानी और होम्योपैथी – में इस्तेमाल होने वाली पौधों से मिलने वाली सिंगल दवाओं पर समान रूप से लागू होता है।
- ग्लोबल बेंचमार्क के साथ तालमेल: भारतीय मानकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी पैरामीटर को शामिल करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारतीय बॉटनिकल मोनोग्राफ ग्लोबल व्यापार और रेगुलेटरी मांगों को पूरा करते हैं।
- आसान टेस्टिंग प्रोटोकॉल: टेस्टिंग लैबोरेटरी, रेगुलेटर और मैन्युफैक्चरर को एक ही रेफरेंस स्टैंडर्ड देता है, जिससे अलग-अलग एनालिटिकल ज़रूरतों से होने वाली उलझन से बचा जा सके।
- इसका महत्व:
- आसानी से व्यापार और एक्सपोर्ट: रेगुलेटरी उलझन को कम करता है और भारतीय बॉटनिकल के लिए टेस्टिंग और नियमों का पालन आसान बनाता है।
- आयुष उत्पादों की ग्लोबल स्वीकार्यता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेल खाते स्टैंडर्ड भारतीय हर्बल उत्पादों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और एक्सपोर्ट की क्षमता को बढ़ाते हैं।
