सन्दर्भ:
: बोटैनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (BSI) के एक वैज्ञानिक ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक दूर-दराज़ द्वीप पर जंगली बैंगन की एक नई प्रजाति की खोज की है और इसका नाम सोलनम पांडेई (Solanum Pandeyi) रखा है।
सोलेनम पांडेई के बारे में:
- यह जंगली बैंगन की एक प्रजाति है जो मध्य अंडमान के सदाबहार जंगलों में पाई गई है।
- यह जंगल के किनारों पर खुली जगह में उगती हुई मिली थी और इसे स्थानीय रूप से ‘जंगली नारंगी बैंगन’ के नाम से जाना जाता था।
- यह नई प्रजाति ‘सोलेनम लैसियोकार्पम’ (Solanum lasiocarpum) जैसी है और ‘सोलेनम’ के ‘लेप्टोस्टेमोनम’ (Leptostemonum) समूह (clade) से संबंधित है।
- सोलेनम पांडेई के उपयोग:
- वहाँ की मूल निवासी नेग्रिटो जनजाति, ‘ग्रेट अंडमानीज़’ (Great Andamanese), इसका इस्तेमाल खाने और दवा के तौर पर करती थी।
- इसके ज़्यादातर बीजों और जड़ों का इस्तेमाल दांतों के संक्रमण के इलाज में किया जाता है।
- द्वीप पर रहने वाले रांची और बंगाली समुदाय के लोग इसके पके फल को गुड़ (बिना रिफ़ाइन की हुई प्राकृतिक चीनी), मिर्च, लहसुन, अदरक और नमक के साथ मिलाकर खट्टी-मीठी चटनी बनाते हैं।
