सन्दर्भ:
: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत प्रमुख उपलब्धियों की घोषणा की, जिसका उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
खेत बचाओ अभियान के बारें में:
- ‘खेत बचाओ अभियान’ कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता और क्षमता-निर्माण अभियान है।
- इसका उद्देश्य:
- मृदा परीक्षण-आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देना और रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना।
- मृदा की उर्वरता में सुधार करना, सतत कृषि उत्पादकता को बढ़ाना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।
- मुख्य विशेषताएं:
- राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान: कुल 12,979 जागरूकता शिविर और सेमिनार आयोजित किए गए, जिनमें देश भर के 7.17 लाख किसानों को सीधे तौर पर शामिल किया गया।
- क्षमता निर्माण और प्रदर्शन: 3,145 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और 7,928 क्षेत्रीय प्रदर्शनों के माध्यम से हरी खाद, जैव-उर्वरकों और जैविक पोषक तत्वों के स्रोतों को बढ़ावा दिया गया।
- बहु-मंच पहुंच: इस अभियान ने मीडिया प्रसारण, सोशल मीडिया, किसान समूहों और स्थानीय शासन संस्थाओं का उपयोग करके देश भर के 2.712 करोड़ नागरिकों तक अपनी पहुंच बनाई।
- इसका महत्व:
- यह वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देता है और मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता में सुधार करता है, जिससे रसायनों के अत्यधिक उपयोग के कारण होने वाले पर्यावरणीय नुकसान में कमी आती है।
- यह किसानों की संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन की समझ को बढ़ाता है, जिससे उच्च उत्पादकता और सुदृढ़ कृषि प्रणालियों को समर्थन मिलता है।
