सन्दर्भ:
: हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दे दी है।
भारत औद्योगिक विकास योजना के बारे में:
- इसका उद्देश्य– विश्व-स्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को उजागर करना और भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाना है।
- इसका लक्ष्य: पूरे देश में 100 ‘प्लग-एंड-प्ले‘ औद्योगिक पार्क विकसित करना।
- कार्यान्वयन: BHAVYA (भव्य) को राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा।
- भारत औद्योगिक विकास योजना की विशेषताएं:
- प्लग-एंड-प्ले इकोसिस्टम: यह पहले से तैयार फैक्ट्री शेड, टेस्टिंग लैब और भूमिगत उपयोगिताएं प्रदान करता है, ताकि उद्योग “इरादे से उत्पादन तक” का सफर तेज़ी से तय कर सकें।
- बुनियादी ढांचे का दायरा: इसमें मुख्य उपयोगिताएं, मूल्य-वर्धित सुविधाएं (जैसे वेयरहाउसिंग), और सामाजिक बुनियादी ढांचा (जैसे श्रमिकों के लिए आवास) शामिल हैं।
- कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स: निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए यह ‘PM गतिशक्ति’ के सिद्धांतों के अनुरूप है; परियोजना की लागत का 25% तक बाहरी बुनियादी ढांचे के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
- स्थिरता पर ज़ोर: इसमें हरित ऊर्जा का समावेश है, और निर्बाध संचालन के लिए एकीकृत भूमिगत उपयोगिता गलियारों के माध्यम से “बिना खुदाई वाला” (no-dig) वातावरण सुनिश्चित किया जाता है।
- चयन प्रक्रिया: परियोजनाओं का चयन ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से किया जाता है, जिसमें उन राज्यों को प्राथमिकता दी जाती है जो निवेशक-अनुकूल सुधार लागू करते हैं और प्रभावी ‘सिंगल-विंडो’ प्रणाली अपनाते हैं।
“प्लग-एंड-प्ले” औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर:
- प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर से तात्पर्य ऐसे औद्योगिक पार्कों से है, जो किसी निवेशक के आने से पहले ही सभी आवश्यक सुविधाओं और नियामक मंजूरियों से पूरी तरह सुसज्जित होते हैं।
