सन्दर्भ:
: हाल ही में, काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिज़र्व ने पार्क से मध्य प्रदेश स्थित कान्हा टाइगर रिज़र्व में लगभग 50 जंगली एशियाई जल भैंसों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित करने की सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली हैं।
कान्हा टाइगर रिज़र्व के बारे में:
- यह मध्य प्रदेश राज्य में सतपुड़ा की “मैकाल” पर्वतमाला में स्थित है।
- गलियारा: कान्हा और पेंच टाइगर रिज़र्व के बीच इसका एक सक्रिय गलियारा है। कान्हा छत्तीसगढ़ राज्य के अचानकमार टाइगर रिज़र्व से भी जुड़ा हुआ है।
- भू-भाग: इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं- वनों से ढकी हल्की ऊबड़-खाबड़ ज़मीन, अलग-अलग ढलान वाली पहाड़ियाँ, पठार और घाटियाँ।
- आदिवासी समुदाय: यह क्षेत्र कुछ प्राचीन आदिवासी समुदायों के लिए जाना जाता है; जैसे – गोंड और बैगा, जो आज भी इस क्षेत्र में निवास करते हैं।
- यह भारत का पहला ऐसा टाइगर रिज़र्व भी है जिसने आधिकारिक तौर पर एक शुभंकर (Mascot) – “भूरसिंह द बारासिंगा”– पेश किया है।
- वनस्पति: इसमें मुख्य रूप से नम साल और नम मिश्रित पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
- पेड़-पौधे: यहाँ बाँस, तेंदू, साल, जामुन, अर्जुन और लेंडिया के पेड़ खूब फलते-फूलते हैं।
- जीव-जंतु: इस पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, स्लॉथ भालू और भारतीय जंगली कुत्तों की अच्छी-खासी आबादी पाई जाती है।
