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पैक्स सिलिका पहलपैक्स सिलिका पहल
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सन्दर्भ:

: भारत, U.S. के पैक्स सिलिका पहल में शामिल हो गया है, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ज़रूरी मिनरल्स के लिए मज़बूत सप्लाई चेन बनाना है।

पैक्स सिलिका पहल के बारें में:

  • पैक्स सिलिका यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट की लीडरशिप में एक स्ट्रेटेजिक इंटरनेशनल पहल है, जो ज़रूरी मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI टेक्नोलॉजी के लिए सुरक्षित, मज़बूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को मज़बूत करता है।
  • इसका इतिहास:
    • सप्लाई-चेन की कमज़ोरियों और रेयर-अर्थ प्रोसेसिंग के कंसंट्रेशन पर बढ़ती चिंताओं के जवाब के तौर पर इसका कॉन्सेप्ट बनाया गया।
    • दिसंबर 2025 में वाशिंगटन डी.सी. में इसका पहला समिट हुआ।
  • इसका उद्देश्य:
    • ज़रूरी मिनरल्स, सेमीकंडक्टर और AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी के लिए मज़बूत और अलग-अलग तरह की ग्लोबल सप्लाई चेन बनाना।
    • एक जैसी सोच वाले देशों के बीच इकोनॉमिक पार्टनरशिप को गहरा करना और ज़बरदस्ती या मोनोपॉलिस्टिक सप्लाई से होने वाले रिस्क को कम करना।
  • साझीदार:
    • साइन करने वालों में शामिल हैं: ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, सिंगापुर, UAE, यूनाइटेड किंगडम, इंडिया (नए एंट्री करने वाले)।
    • नॉन-साइन करने वाले साझीदार: कनाडा, यूरोपियन यूनियन, नीदरलैंड्स, OECD, ताइवान।
  • प्रमुख विशेषताएं:
    • सप्लाई चेन सिक्योरिटी पर फोकस: इलेक्ट्रॉनिक्स और ज़रूरी मिनरल सप्लाई चेन के डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देता है ताकि बहुत ज़्यादा कंसंट्रेशन के रिस्क को कम किया जा सके।
    • AI और टेक्नोलॉजी कोलैबोरेशन: AI सिस्टम, सेमीकंडक्टर, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में कोलैबोरेशन को बढ़ावा देता है।
    • ज़रूरी मिनरल पार्टनरशिप: भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए ज़रूरी रेयर-अर्थ और स्ट्रेटेजिक मिनरल तक कोऑर्डिनेटेड रिफाइनिंग, प्रोसेसिंग और एक्सेस को सपोर्ट करता है।
    • इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर कोलैबोरेशन: भरोसेमंद इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए शेयर्ड इन्वेस्टमेंट और इंसेंटिव को बढ़ावा देता है।
    • भरोसेमंद इनोवेशन इकोसिस्टम: सुरक्षित और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी स्टैक बनाने के लिए सरकारों, इंडस्ट्री और इनोवेटर्स के बीच कोलैबोरेशन बनाता है।
    • फेयर मार्केट और सिक्योरिटी फ्रेमवर्क: नॉन-मार्केट प्रैक्टिस, अनफेयर डंपिंग को एड्रेस करता है और सेंसिटिव टेक्नोलॉजी और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोटेक्ट करता है।
    • प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन: इनोवेशन को स्केल करने और इकोनॉमिक सिक्योरिटी को मज़बूत करने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप और इंडस्ट्री कैपेबिलिटी को मोबिलाइज़ करता है।
    • स्ट्रेटेजिक इकोनॉमिक अलाइनमेंट: पार्टनर देशों को लॉन्ग-टर्म टेक्नोलॉजी गवर्नेंस और रेसिलिएंट ग्लोबल इकोनॉमिक आर्किटेक्चर पर अलाइन करने का लक्ष्य रखता है।

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By gkvidya

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