संदर्भ:
: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पीने के पानी से 20 से ज़्यादा मौतों के बाद मध्य प्रदेश ने स्वच्छ जल अभियान शुरू किया है।
स्वच्छ जल अभियान के बारे में:
- इंदौर में पानी में गंदगी की घटना के बाद सुरक्षित, साफ और जवाबदेह पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक राज्य-व्यापी टेक्नोलॉजी-आधारित पीने के पानी की सुरक्षा अभियान।
- लक्ष्य: पूरे शहरी और ग्रामीण मध्य प्रदेश में मैपिंग, मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण और जवाबदेही के ज़रिए दूषित पीने के पानी के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करना।
- मुख्य विशेषताएं:
- GIS मैपिंग: सभी पानी और सीवर लाइनों का एक डिजिटल मैप बनाता है ताकि लीक, ओवरलैप और गंदगी के जोखिमों को जल्दी से पहचाना और ठीक किया जा सके।
- रोबोटिक इंस्पेक्शन: महत्वपूर्ण जंक्शनों पर भूमिगत पाइपलाइनों की जांच के लिए रोबोट का उपयोग करता है जहां सीवेज और पीने का पानी मिल सकता है।
- जल सुनवाई: साप्ताहिक सार्वजनिक सुनवाई नागरिकों को सीधे पानी की समस्याओं की रिपोर्ट करने और अधिकारियों से जवाबदेही मांगने की अनुमति देती है।
- CM हेल्पलाइन 181: एक समर्पित फोन प्लेटफॉर्म पूरे राज्य में पीने के पानी की शिकायतों के तेज़ रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग को सुनिश्चित करता है।
- समय-सीमा में निपटान: अधिकारियों के लिए शिकायतों को हल करने के लिए निश्चित समय-सीमा तय करता है, जिससे देरी और नौकरशाही की लापरवाही को रोका जा सके।
