सन्दर्भ:
: पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय पेसा महोत्सव (PESA MAHOTSAV) का आयोजन किया जा रहा है।
पेसा महोत्सव के बारे में:
- यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा।
- पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा।
- इसका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री कोनिदाला पवन कल्याण करेंगे।
- इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।
- पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा।
- इनमें शामिल है पेसा पोर्टल, पेसा संकेतक, जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक।
- 24 दिसंबर को सभी 10 पेसा राज्यों में भी विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी।
- इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।
- पेसा अधिनियम 1996 के बारे में:
- भारत के संविधान के अनुच्छेद 243एम(4)(बी) के तहत संसद ने संविधान के भाग-IX के प्रावधानों को कुछ अपवादों और संशोधनों के साथ अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तारित करने हेतु “पंचायतों के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996” (जिसे पेसा अधिनियम कहा जाता है) अधिनियमित किया।
- अनुसूचित क्षेत्र वे इलाके हैं, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति द्वारा घोषित किया जाता है।
- संविधान के अनुच्छेद 244(1) तथा पांचवीं अनुसूची में इन क्षेत्रों से संबंधित प्रावधान निहित हैं।
- चूंकि इन क्षेत्रों का उल्लेख संविधान की पांचवीं अनुसूची में किया गया है, इसलिए इन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र भी कहा जाता है।
- वर्तमान में, पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र 10 राज्यों में अधिसूचित हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं।
