सन्दर्भ:
: संस्कृति मंत्रालय ने ASI द्वारा संरक्षित स्मारकों के रखरखाव, संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए हेरिटेज कंजर्वेशन आर्किटेक्ट्स का एम्पैनल करने की प्रक्रिया शुरू की है।
हेरिटेज कंजर्वेशन आर्किटेक्ट्स का एम्पैनल के बारें में:
- एक हेरिटेज (संरक्षण) आर्किटेक्ट एक स्पेशलाइज़्ड प्रोफेशनल होता है जिसे ऐतिहासिक इमारतों की मरम्मत, संरक्षण और मैनेजमेंट में ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि स्थापित संरक्षण नियमों के अनुसार आर्किटेक्चरल अखंडता, मटीरियल और सांस्कृतिक मूल्य का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
- इसका पहल:
- संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा अप्रूव्ड एक नेशनल पूल बनाने के लिए क्वालिफाइड संरक्षण आर्किटेक्ट्स को पैनल में शामिल करना शुरू कर दिया है।
- इससे दानकर्ता, कॉर्पोरेट और प्राइवेट संस्थाएं नेशनल कल्चरल फंड (NCF) के माध्यम से फंडेड संरक्षण कार्यों के लिए सीधे ASI-अप्रूव्ड प्रोफेशनल्स को नियुक्त कर सकते हैं।
- इस पहल की मुख्य विशेषताएं:
- डोनर को छूट: डोनर अपनी पसंद के स्मारकों के लिए ASI-अप्रूव्ड पैनल से आर्किटेक्ट चुन सकते हैं।
- ASI की देखरेख ज़रूरी: ASI सभी प्रोजेक्ट्स की निगरानी करता रहेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वैज्ञानिक संरक्षण मानकों का पालन हो रहा है।
- ज़िम्मेदारियां तय: पैनल में शामिल आर्किटेक्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेंगे, संरक्षण के तरीके डिज़ाइन करेंगे, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सपोर्ट देंगे और काम की देखरेख करेंगे।
- काम करने का तरीका: असली मरम्मत का काम डोनर द्वारा चुनी गई एजेंसियों द्वारा किया जाएगा, जिसे ASI की मंज़ूरी ज़रूरी होगी।
- योग्यता के मापदंड: आर्किटेक्ट्स को 100 साल से ज़्यादा पुरानी विरासत इमारतों के संरक्षण या मरम्मत का पिछला अनुभव होना चाहिए।
- कार्यकाल: पैनल में शामिल होने की वैधता तीन साल के लिए होगी, जिसमें सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू होगा।
