सन्दर्भ:
: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) SHAR से अपने वर्ष के अंत के मिशन “स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट” (SpaDeX) को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है।
SpaDeX मिशन के बारें में:
: SpaDeX मिशन का प्राथमिक उद्देश्य दो छोटे अंतरिक्ष यानों के मिलन, डॉकिंग और अनडॉकिंग के लिए आवश्यक तकनीक विकसित करना और उसका प्रदर्शन करना है।
: अन्य उद्देश्यों में शामिल हैं-
- डॉक किए गए अंतरिक्ष यान के बीच विद्युत शक्ति के हस्तांतरण का प्रदर्शन, जो अंतरिक्ष में रोबोटिक्स जैसे भविष्य के अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक है।
- संयुक्त अंतरिक्ष यान नियंत्रण।
- अनडॉकिंग के बाद पेलोड संचालन।
: दो छोटे अंतरिक्ष यान- SDX01 (चेज़र) और SDX02 (टारगेट) को 476 किलोमीटर की निचली-पृथ्वी वृत्ताकार कक्षा में डॉक किया जाएगा।
: दो उपग्रहों का वजन– लगभग 220 किलोग्राम प्रत्येक।
: प्रक्षेपण वाहन- PSLV- C60
: इस मिशन के लिए इस्तेमाल की गई स्वदेशी तकनीक को “भारतीय डॉकिंग सिस्टम” कहा जाता है।
: इसका महत्व-
- भारत को यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बना देगा, जो अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसा करने वाला है।
- SpaDeX मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के भविष्य के प्रयासों के लिए एक कदम साबित होगा, जिसमें पृथ्वी पर चंद्रमा से चट्टानें और मिट्टी लाना, प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्र सतह पर एक अंतरिक्ष यात्री को उतारना शामिल है।

