
सन्दर्भ-हर वर्ष 4 फ़रवरी को “अंतर्राष्ट्रीय मानव बंधुत्व दिवस” मनाया जाता है।
उद्देश्य-सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के लिए सहिष्णुता को बढ़ावा देना।
इस वर्ष 2022 का थीम है-“ह्यूमन फ्रैटर्निटी इन एक्शन”(कार्रवाई में मानव बिरादरी)
महत्त्व-मानव बंधुत्व का अंतर्राष्ट्रीय दिवस लोगों को याद दिलाता है कि विभिन्न समुदायों के बीच प्रेम और सद्भाव प्रगति की ओर बढ़ने का मार्ग है।
प्रमुख तथ्य-इस वर्ष इसे मनाने का दूसरा वर्ष है,पहली बार 2021 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाया गया था।
:इन लक्ष्यों की दिशा में प्रगति के लिए,संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1999 में संकल्प 53/243 के तहत शांति की संस्कृति पर कार्रवाई की घोषणा और कार्यक्रम को अपनाया।
:दस्तावेज़ में मानवता के लाभ के लिए शांति और अहिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।
:2010 में अपने संकल्प ए/आरईएस/65/5 में, वैश्विक निकाय ने विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच सद्भाव और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्व इंटरफेथ सद्भाव सप्ताह की स्थापना की।
:इस दिन के अवसर पर विश्व को यह बताना है कि सभी अपने जीवन में एक धार्मिक या नास्तिक विश्वास को चुनने के लिए आज़ाद है,किसी और को उसके धार्मिक या नास्तिक जुड़ाव के कारण किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव या नफरत करने का अधिकार नहीं है।
:ज्ञात हो कि 4 फ़रवरी 2019 को अबूधाबी में दो सबसे बड़े धर्मो के नेताओं पोप फ्रांसिस और अल-अजहर के ग्रैंड इमाम,अहमद अल-तैयब ने अंतर्धार्मिक शांति और सहयोग को बढ़ाव देने हेतु मुलाकात किए थे।
:दोनों नेताओं ने विश्व शांति और एक साथ रहने के लिए मानव बंधुत्व शीर्षक वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
:20 अगस्त 2019 में मानव बंधुत्व को बढ़ावा देने हेतु उच्च समिति की स्थापना की गई थी।