4th फरवरी :चौरी चौरा की ऐतिहासिक घटना(1922)

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4th फरवरी :चौरी चौरा की ऐतिहासिक घटना

सन्दर्भ-आज 4th फरवरी को चौरी चौरा की ऐतिहासिक घटना को स्मरण किया जा रहा है।
प्रमुख तथ्य-:यह देश की आज़ादी की लड़ाई में एक ऐतिहासिक घटना के रूप में दर्ज है।
:पिछले वर्ष प्रधानमंत्री ने घटना के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया था,तथा इसे चिन्हित लिए एक डाक टिकट भी जारी किया गया था।
:4 फरवरी 1922 के दिन असहयोग आंदोलन के राष्ट्रवादी स्वयसेवकों का एक दल संयुक्त प्रान्त गोरखपुर जिले में एकत्रित हुए थे।
:ज्ञात हो कि असहयोग आंदोलन को पूर्ण स्वराज प्राप्ति के लिए आरम्भ किया गया था।
:इस दौरान स्वयंसेवको ने गाँधी जी और खिलाफत के नारे लगाते हुए सडकों पर मार्च किया।
:उग्र और बढ़ती भीड़ ने चौरी -चौरा पुलिस थाने के अंदर आग लगा दी।
:इस घटना में 228 लोगो पर मुक़दमा चलाया गया और 19 लोगो मृत्युदण्ड की सजा दी गई।
:इस हिंसात्मक घटना से दुखी होकर महात्मा गाँधी ने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।
:इसी वजह से हर वर्ष 4 फरवरी को शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है।
:ऐतिहासिक चौरी चौरा की घटना के 100 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार शताब्दी समारोह मना रही है।


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