
सन्दर्भ-उत्तराखंड के सीएम ने हाल ही में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा की है। इस तरह उत्तरखंड इसे लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
उद्देश्य है-महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों सहित कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना।
प्रमुख तथ्य-:यह सामान रूप से सभी धार्मिक समुदायों पर लागू होगा।
:यह विवाह,तलाक,उत्तराधिकार,गोद लेने आदि जैसे मामलों में लागू किया जाएगा।
:यूनिफार्म सिविल कोड धार्मिक मान्यताओं के आधार पर अलग किए गए कानूनों को आसान बनाने का काम करेगा।
:1835 में ब्रिटिश सरकार ने समान नागरिक संहिता पर अपनी रिपोर्ट पेश की थी।
:इस रिपोर्ट में भारतीय कानून के संहिताकरण में एकरूपता की जरुरत पर बल दिया गया।
:1941 में हिन्दू कानून को संहिताबद्ध करने हेतु बीएन राव समिति का गठन किया गया था।
:1937 के अधिनियम की समीक्षा कर समिति ने हिन्दुओं के लिए विवाह और उत्तराधिकार की नागरिक संहिता की सिफारिश की थी।
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code)-
:भारतीय संविधान के भाग 4 में अनुच्छेद-44 के तहत यूनिफार्म सिविल कोड का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
:अनुच्छेद-44 के अनुसार राज्य भारत के समस्त राज्य क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक सामान नागरिक संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा।