सन्दर्भ:
: दिल्ली सरकार WhatsApp-बेस्ड ई-गवर्नेंस सिस्टम या व्हाट्सएप गवर्नेंस अपनाने का प्लान बना रही है और उसने बेस्ट डिजिटल गवर्नेंस प्रैक्टिस सीखने के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में स्टडी टूर का प्रपोज़ल दिया है।
व्हाट्सएप गवर्नेंस के बारे में:
- एक डिजिटल पब्लिक सर्विस प्लेटफ़ॉर्म जो लोगों को WhatsApp के ज़रिए सीधे सर्विस के लिए अप्लाई करने, डॉक्यूमेंट वेरिफ़ाई करने और सर्टिफ़िकेट डाउनलोड करने की सुविधा देता है।
- यह सरकारी सर्विस को WhatsApp के API और GenAI टूल्स के साथ इंटीग्रेट करता है ताकि एक ऑटोमेटेड, यूज़र-फ़्रेंडली इंटरफ़ेस मिल सके।
- प्रमुख विशेषताएं:
- सिंगल-विंडो एक्सेस: एक WhatsApp नंबर से कई सरकारी सर्विस उपलब्ध हैं।
- AI-इनेबल्ड मदद: सवाल हल करने, डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन और गाइडेड एप्लीकेशन के लिए चैटबॉट + GenAI।
- किसी ऐप की ज़रूरत नहीं: यह ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर काम करता है जिसे ज़्यादातर लोग पहले से इस्तेमाल करते हैं।
- कई डिपार्टमेंट में इंटीग्रेशन: जन्म/शादी सर्टिफ़िकेट, लाइसेंस, जाति सर्टिफ़िकेट, और भी बहुत कुछ।
- 24×7 एक्सेसिबिलिटी: फ़िज़िकल विज़िट खत्म करता है और ब्यूरोक्रेटिक देरी कम करता है।
- इसका महत्व:
- नागरिकों पर केंद्रित शासन: सरकार को लोगों के फ़ोन तक लाता है, जिससे सुविधा और सबको साथ लेकर चलने में सुधार होता है।
- कार्यकुशलता में सुधार: ऑफिस में आने वाले लोगों की संख्या कम होती है और सर्विस डिलीवरी तेज़ होती है।
- डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को सपोर्ट करता है: DPI, AI-इनेबल्ड शासन और सर्विस ऑटोमेशन पर राष्ट्रीय फोकस के साथ मेल खाता है।
- स्केलेबल मॉडल: इसे सभी डिपार्टमेंट में बढ़ाया जा सकता है और दूसरे राज्य भी इसे अपना सकते हैं।
