Mon. Apr 13th, 2026
वोमनिया पहलवोमनिया पहल
शेयर करें

सन्दर्भ:

: गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर वोमनिया पहल (Womaniya Initiative) को विशेष रूप से सराहा गया, क्योंकि इसने 2.1 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को ₹28,000 करोड़ के ऑर्डर हासिल करने में सफल बनाया।

वोमनिया पहल के बारें में:

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत 2019 में शुरू की गई ‘वोमनिया’ (Womaniya), GeM प्लेटफॉर्म पर समावेश पर केंद्रित एक पहल है।
  • यह महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए एक समर्पित डिजिटल इंटरफ़ेस प्रदान करती है, जिसके माध्यम से वे हस्तशिल्प, हथकरघा और कार्यालय के सामान जैसे उत्पादों को सूचीबद्ध कर सकते हैं, ताकि केंद्रीय और राज्य मंत्रालय तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) उन्हें सीधे खरीद सकें।
  • मुख्य डेटा और आँकड़े:
    • पंजीकरण में वृद्धि: GeM प्लेटफ़ॉर्म पर वर्तमान में 2.1 लाख से अधिक महिला MSEs पंजीकृत हैं।
    • ऑर्डर की संख्या: महिला उद्यमियों को वित्त वर्ष 2025-26 में 13.7 लाख ऑर्डर मिले।
    • अनुबंध का मूल्य: महिला MSEs को दिए गए कुल अनुबंधों का मूल्य ₹28,000 करोड़ से अधिक हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27.60% की वृद्धि है।
    • लक्ष्य से अधिक उपलब्धि: जहाँ अनिवार्य खरीद लक्ष्य 3% है, वहीं महिलाओं के नेतृत्व वाले ऑर्डर GeM के कुल ऑर्डरों का 5.6% रहे।
  • इस पहल की मुख्य विशेषताएं:
    • डिजिटल ऑनबोर्डिंग: महिला MSEs को आसानी से ऑनबोर्ड करने के लिए उद्यम सत्यापन और गहन प्रशिक्षण कार्यशालाओं का उपयोग करता है।
    • मानकीकृत कैटलॉगिंग: एक समान टेम्प्लेट और तकनीकी विशेषताओं का उपयोग करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उत्पाद खरीदारों के लिए आसानी से खोजे जाने योग्य और तुलना करने योग्य हों।
    • कागज़-रहित और संपर्क-रहित: बोली लगाने और इनवॉइस बनाने से लेकर भुगतान तक, सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से डिजिटल हैं ताकि बिचौलियों पर निर्भरता कम हो सके।
    • समय-सीमा के भीतर भुगतान: इसमें डिजिटल वर्कफ़्लो की सुविधा है जो समय पर भुगतान सुनिश्चित करता है; यह उन सूक्ष्म-आपूर्तिकर्ताओं के लिए अत्यंत आवश्यक है जिनके पास सीमित कार्यशील पूंजी होती है।
    • पहुँच और सहायता: इसमें विभिन्न राज्यों में स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण और खरीदार-विक्रेता बैठकों के माध्यम से क्षमता निर्माण शामिल है।
  • भारत में महिला उद्यमियों का प्रभाव:
    • ज़मीनी स्तर पर सशक्तिकरण: फरवरी 2026 तक, 10.05 करोड़ महिलाओं को 90.09 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया गया है, जिससे सामूहिक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
    • बाज़ार में आत्मनिर्भरता: सरकारी खरीदारों तक सीधी पहुँच होने से, शोषण करने वाले बिचौलियों पर ऐतिहासिक निर्भरता कम हुई है।
    • आपूर्तिकर्ताओं में विविधता: यह पहल उन समूहों को शामिल करके, जिनकी अब तक कम भागीदारी रही है, सरकारी आपूर्तिकर्ताओं के आधार में विविधता का विस्तार करती है।
    • सतत प्रगति: यह छोटे पैमाने के उत्पादन को औपचारिक, टिकाऊ उद्यम भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता में बदलती है।
    • वित्तीय पारदर्शिता: GeM के माध्यम से बनने वाले डिजिटल रिकॉर्ड, महिलाओं के नेतृत्व वाली फर्मों की वित्तीय स्थिति को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाते हैं, जिससे उनके दीर्घकालिक व्यावसायिक विकास को समर्थन मिलता है।


शेयर करें

By gkvidya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *