सन्दर्भ:
: 2022-23 के घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण में भारत में आहार पद्धति (Dietary Patterns in India) कुछ आश्चर्यजनक प्रकाश डाला गया है, जिसमें सब्जी, फल, दाल और दूध की खपत पर जोर दिया गया है।
भारत में आहार पद्धति पर मुख्य निष्कर्ष:
: भारत में, शाकाहार में आम तौर पर डेयरी शामिल है, लेकिन जरूरी नहीं कि शाकाहार भी शामिल हो।
: खाद्य व्यय का स्नैपशॉट- ग्रामीण भारत में प्रति व्यक्ति दूध पर सब्जियों, फलों और दालों की तुलना में अधिक खर्च किया जाता है, शहरी क्षेत्र भी इन वस्तुओं पर दूध को प्राथमिकता देते हैं।
: क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि- राजस्थान का “शाकाहारी” टैग सब्जियों, फलों और दालों पर कम खर्च के विपरीत है, पूर्वोत्तर राज्यों में गुजरात की तुलना में सब्जियों की खपत अधिक है (वैष्णव-जैन आबादी होने के बावजूद)
: दूध की प्राथमिकता- सब्जियों, फलों और दालों पर कम खर्च वाले राज्यों में भी दूध की खपत अधिक है, उत्तर, पश्चिम और मध्य भारतीय राज्य अंडे, मछली और मांस की तुलना में दूध पर अधिक खर्च करते हैं।
: मांसाहारी प्रवृत्ति- केरल, गोवा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ दूध की तुलना में अंडे, मछली और मांस पर खर्च को प्राथमिकता देते हैं।

