सन्दर्भ:
: हाल ही में, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के रामपुर घास के मैदान में काले हिरणों को उनके प्राकृतिक आवास में फिर से बसाया गया।
बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के बारें में:
- यह छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के उत्तरी भाग में स्थित है।
- इसका नाम ‘बार’ और ‘नवापारा’ नामक वन गाँवों के नाम पर रखा गया है, जो इस अभयारण्य के ठीक बीच में स्थित हैं।
- महानदी की सहायक नदियाँ यहाँ पानी का मुख्य स्रोत हैं।
- बलमदेही नदी इसकी पश्चिमी सीमा बनाती है, जबकि जोंक नदी अभयारण्य की उत्तर-पूर्वी सीमा निर्धारित करती है।
- वनस्पति: यहाँ मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
- पेड़-पौधे: यहाँ के पेड़-पौधों में मुख्य रूप से सागौन (Teak), साल, बाँस और टर्मिनलिया (Terminalia) शामिल हैं; ये यहाँ के प्रमुख वृक्ष हैं।
- इस अभयारण्य में पाए जाने वाले अन्य प्रमुख पौधों में सेमल, महुआ, बेर और तेंदू शामिल हैं।
- जीव-जंतु: यह अभयारण्य नीलगाय, जंगली सूअर, बाघ, तेंदुए, भारतीय बाइसन (गौर), साही, अजगर, मृग, सांभर और चीतल जैसे जीवों का घर है।
- इसके अलावा, यहाँ पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं, जिनमें तोते, कृष्णमृग (Blackbuck), बगुले, सारस, मोर आदि प्रमुख हैं।
