संदर्भ:
: DRDO ने ओडिशा तट से एक ही लॉन्चर से एक के बाद एक दो प्रलय मिसाइलों का सफल साल्वो लॉन्च किया है, जो यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल में एक अहम पड़ाव है।
प्रलय मिसाइल के बारे में:
- प्रलय एक स्वदेशी रूप से विकसित सॉलिड-प्रोपेलेंट, क्वासी-बैलिस्टिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है जिसे कई तरह के टारगेट पर हाई-प्रिसिशन पारंपरिक हमलों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इसका उद्देश्य:
- भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना को तेज़-तर्रार, उच्च सटीकता वाली पारंपरिक हमला करने की क्षमता प्रदान करना
- सटीक हमलों के ज़रिए सामरिक प्रतिरोध और युद्ध के मैदान पर प्रभुत्व को मज़बूत करना
- इसकी मुख्य विशेषताएं:
- क्वासी-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र: दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना मुश्किल बनाता है।
- इसका रेंज: 150 किमी से 500 किमी।
- प्रकार: क्वासी-बैलिस्टिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल।
- सॉलिड प्रोपेलेंट: त्वरित लॉन्च की तैयारी और उच्च विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
- उन्नत मार्गदर्शन और नेविगेशन: विभिन्न लक्ष्यों के खिलाफ उच्च सटीकता प्रदान करता है।
- मल्टीपल वॉरहेड क्षमता: विभिन्न मिशन आवश्यकताओं के लिए विभिन्न प्रकार के वॉरहेड ले जा सकती है।
- साल्वो लॉन्च क्षमता: एक ही लॉन्चर से तेज़ी से कई मिसाइलें दागने की क्षमता, जिससे सैचुरेशन हमले की क्षमता बढ़ती है।
- इसका महत्व:
- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी मिसाइल क्षमता को बढ़ावा देता है।
- रणनीतिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल तक बात पहुंचाए बिना भारत की पारंपरिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- तेज़, सटीक हमलों के ज़रिए ऑपरेशनल तैयारी और जीवित रहने की क्षमता में सुधार करता है।
