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PARMANU HATHIYAR BAMON KE BAZAR ME VRIDDHI
परमाणु मिसाइलों, बमों के बाजार में वृद्धि
PHOTO:ALLIED MARKET

सन्दर्भ-4 अप्रैल 2022 को एलाइड मार्केट रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार,परमाणु मिसाइलों और बमों का वैश्विक बाजार 10 वर्षों के भीतर 126 बिलियन डॉलर को पार कर जाना चाहिए,जो 2020 के स्तर से लगभग 73% अधिक है।
कारण होगा-क्योंकि यूक्रेन में रूसी आक्रमण जारी है ऐसे में सैन्य खर्च को बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख तथ्य-भू-राजनीतिक संघर्षों और बड़े सैन्य बजटों में वृद्धि से 2030 तक 5.4% की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से आंकड़े बढ़ने की संभावना है।
:रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि छोटे परमाणु हथियारों की मांग,जिन्हें आसानी से विमान और भूमि-आधारित मिसाइलों के माध्यम से तैनात किया जा सकता है,में तेजी से विकास होगा।
:हालांकि पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) की 2020 में बाजार की एक चौथाई हिस्सेदारी थी।
:जबकि 2020 में आधे से अधिक वैश्विक बाजार में उत्तरी अमेरिका का दबदबा था, रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई थी कि भारत,पाकिस्तान और चीन द्वारा अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करने की पहल पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र से सबसे तेज विकास होगा।
:फर्म ने एक रिपोर्ट में कहा,कि अंतरराष्ट्रीय संधियां और संघ परमाणु परीक्षण को हतोत्साहित करते हैं,इससे बाजार की ग्रोथ प्रभावित होती है।
:इसने भविष्यवाणी की कि गैर-परमाणु प्रसार संधियों और राष्ट्रीय प्रयासों के बढ़ते प्रभाव से भंडारण में या निराकरण की प्रतीक्षा में वारहेड की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए।
:परमाणु शस्त्रागार में निवेश और नए वारहेड खरीद के कारण सक्रिय हथियार,हालांकि,”शेर के हिस्से” अर्थात बहुत बड़े हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं – 2020 में बाजार में,दो-तिहाई से अधिक हिस्सा था।
:ब्रिटेन,चीन,फ्रांस,रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका ने वर्ष की शुरुआत में एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि परमाणु युद्ध में कोई विजेता नहीं हो सकता है और इसे टाला जाना चाहिए।


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By gkvidya

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