सन्दर्भ:
: भारत 17 मई को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस (World Telecommunication and Information Society Day) पर दूरसंचार कूटनीति (Telecom Diplomacy) मनाया।
दूरसंचार कूटनीति के बारें में:
: टेलीकॉम डिप्लोमेसी किसी देश द्वारा व्यावसायिक उद्यमों को आकर्षित करने, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी बनाने और वैश्विक दूरसंचार परिदृश्य में अग्रणी भूमिका सुरक्षित करने के लिए अपने दूरसंचार उद्योग का उपयोग करने का रणनीतिक प्रयास है।
: ज्ञात हो कि विश्व दूरसंचार और सूचना सोसायटी दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है।
: इसे नवंबर 2006 में अंताल्या, तुर्की में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ पूर्णाधिकारी सम्मेलन द्वारा घोषित किया गया था, जिसे प्रतिवर्ष 17 मई को मनाया जाता है।
भारत की प्रमुख पहलों में शामिल हैं:
: रणनीतिक साझेदारी- देशों और कंपनियों के साथ सहयोग, जिसका उदाहरण ‘यूएस-इंडिया ओपनरेडियो एक्सेस (ओआरएएन) नेटवर्क एक्सेलेरेशन रोडमैप’ है।
: आर एंड डी और इनोवेशन- क्वांटम कम्युनिकेशंस में आर एंड डी, इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की खोज।
: इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC)- 2025 तक आईएमसी को मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस की तरह वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास।
: पिछले साल 25200 करोड़ रुपए के टेलीकॉम उपकरण निर्यात किए।
: अंतर्राष्ट्रीय मंचों और भविष्य में 5G तैनाती में भारतीय हितों को सुरक्षित किया।
: भारत में पहली बार विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (WTSA) की मेजबानी।
अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU):
: यह सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है।
: 1865 में स्थापित, यह संयुक्त राष्ट्र की 15 विशिष्ट एजेंसियों में से सबसे पुरानी है।
: ITU वैश्विक रेडियो स्पेक्ट्रम और उपग्रह कक्षाएँ आवंटित करता है, नेटवर्क इंटरकनेक्टिविटी के लिए तकनीकी मानक विकसित करता है, और इसका उद्देश्य वंचित समुदायों के लिए ICT पहुंच में सुधार करना है।
: जिनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित, ITU संयुक्त राष्ट्र विकास समूह का हिस्सा है और 12 क्षेत्रीय कार्यालय संचालित करता है।
: भारत, 1952 से सदस्य, 2019-2022 कार्यकाल के लिए ITU परिषद में फिर से चुना गया।
