सन्दर्भ:
: भारत के प्रधानमंत्री झुमोइर बिनन्दिनी नृत्य (मेगा झुमोइर) 2025 में भाग लेंगे, जो एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम है जिसमें 8,000 कलाकार झुमॉइर नृत्य में भाग लेंगे।
झुमोइर बिनन्दिनी नृत्य के बारे में:
: इसे झुमुर के नाम से भी जाना जाता है, यह असम के आदिवासी चाय जनजातियों द्वारा फसल के मौसम के दौरान किया जाने वाला एक पारंपरिक लोक नृत्य है।
: इसमें मदाल, ढोल, ताल और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है।
: यह नृत्य फसल उत्सव, शादियों और सामुदायिक समारोहों सहित विभिन्न अवसरों पर किया जाता है।
: प्रदर्शन और पोशाक-
- यह नृत्य पुरुषों और महिलाओं दोनों द्वारा किया जाता है, जो एक दूसरे की कमर पकड़कर गोलाकार रूप में नृत्य करते हैं।
- इस नृत्य की विशेषता लयबद्ध पदचाप, लहराते हुए आंदोलनों और जीवंत संगीत है।
- झुमुर नृत्य के लिए पारंपरिक पोशाक में महिलाओं के लिए रंगीन साड़ियाँ और पुरुषों के लिए धोती और कुर्ते शामिल हैं।
: इसका महत्व-
- यह समावेशिता, एकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना का प्रतीक है, और असम के समन्वित सांस्कृतिक मेलजोल का प्रतीक है।
- यह सामाजिक बंधन और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के साधन के रूप में कार्य करता है।
