संदर्भ:
: हिमाचल प्रदेश ने बायो-इकोनॉमी-आधारित विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल के तहत औद्योगिक भांग (Industrial Hemp) की खेती को कानूनी मान्यता दी है और इसे शुरू किया है।
औद्योगिक भांग के बारे में:
- औद्योगिक भांग कैनाबिस सैटिवा की एक गैर-नशीली किस्म है जिसे फाइबर, बीज और बायोमास के लिए उगाया जाता है, जिसमें टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (THC) की मात्रा 0.3% से कम होती है, जिससे यह ड्रग्स के इस्तेमाल के लिए अनुपयुक्त हो जाता है।
- इसकी उत्पत्ति:
- मध्य और दक्षिण एशिया का मूल निवासी, जिसका हजारों सालों से कपड़ा, रस्सी, कागज और दवा में इस्तेमाल होता रहा है
- अब यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में रेगुलेटेड THC लिमिट के तहत कानूनी रूप से खेती की जाती है
- इसकी मुख्य विशेषताएं:
- कम THC (<0.3%) और ज़्यादा फाइबर/बीज की पैदावार।
- जलवायु के प्रति लचीला: कपास की तुलना में लगभग 50% कम पानी की ज़रूरत होती है और कम उपजाऊ मिट्टी में भी उगता है।
- तेजी से बढ़ने वाला: 70-140 दिनों का कटाई चक्र।
- मिट्टी के लिए फायदेमंद: खरपतवार को दबाता है और गहरी जड़ों से मिट्टी की संरचना में सुधार करता है।
- उच्च बायोमास पैदावार: फाइबर, तिलहन और दोहरे उद्देश्य वाले उपयोग के लिए उपयुक्त।
- इसका उपयोग:
- निर्माण: हेम्पक्रीट एक हल्का, इंसुलेटिंग मटीरियल है जो जितनी कार्बन निकालता है, उससे ज़्यादा सोखता है, जो टिकाऊ बिल्डिंग के लिए कार्बन-नेगेटिव विकल्प देता है।
- कागज़ और पैकेजिंग: हेम्प कम असर वाला पल्प सोर्स देता है, जिसमें कम केमिकल्स की ज़रूरत होती है और यह रीसायकल होने वाली, बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सॉल्यूशन देता है।
- फार्मास्यूटिकल्स और वेलनेस: हेम्प से बने तेल और अर्क का इस्तेमाल न्यूट्रास्यूटिकल्स और दवाओं में दर्द से राहत और सूजन-रोधी इस्तेमाल के लिए बिना किसी साइकोएक्टिव असर के किया जाता है।
- कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर: हेम्प के बीज का तेल ज़रूरी फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो इसे त्वचा के लिए फायदेमंद क्रीम, लोशन और बालों के प्रोडक्ट्स के लिए कीमती बनाता है।
- बायो-एनर्जी और बायोप्लास्टिक्स: हेम्प बायोमास को रिन्यूएबल फ्यूल और बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक में बदला जा सकता है, जो सर्कुलर और कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करता है।
