Mon. Mar 30th, 2026
ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षाऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
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सन्दर्भ:

: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत ने ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ शुरू किया है, जिसका लक्ष्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुज़रने वाले ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को सुरक्षित रखना है।

ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के बारे में:

  • ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा भारतीय नौसेना द्वारा शुरू किया गया एक रणनीतिक समुद्री सुरक्षा मिशन है, जिसका उद्देश्य फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र से भारत आने वाले ऊर्जा कार्गो जहाज़ों का सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित करना है।
  • यह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और उसके बाहर के शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर केंद्रित है; होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट्स (संकरा मार्ग) में से एक है।
  • इसका उद्देश्य:
    • तेल और गैस की खेप की सुरक्षा करके भारत को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना।
    • संघर्ष-प्रवण जलक्षेत्रों में सुरक्षित समुद्री नेविगेशन और एस्कॉर्ट (सुरक्षा घेरा) सेवाएँ प्रदान करना।
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • नौसैनिक एस्कॉर्ट तंत्र: भारतीय युद्धपोत होर्मुज़ से बाहर निकलने के बाद जहाज़ों को एस्कॉर्ट करते हैं, जिससे ओमान की खाड़ी से होते हुए अरब सागर तक उनका सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित होता है।
    • बहु-स्तरीय समुद्री सुरक्षा: समन्वित निगरानी और संचार प्रणालियों से लैस डिस्ट्रॉयर और फ्रिगेट जहाज़ों की तैनाती।
    • सुरक्षित मार्ग नेविगेशन: समुद्री बारूदी सुरंगों और इलेक्ट्रॉनिक व्यवधानों जैसे खतरों से बचने के लिए सुरक्षित समुद्री गलियारों की पहचान करना।
  • इसका महत्व:
    • ऊर्जा सुरक्षा का आश्वासन: भारत के महत्वपूर्ण आयातों (कच्चा तेल, LNG, LPG) की सुरक्षा करता है, जिससे आपूर्ति में आने वाले झटकों के प्रति संवेदनशीलता कम होती है।
    • रणनीतिक समुद्री उपस्थिति: हिंद महासागर क्षेत्र में एक ‘नेट सुरक्षा प्रदाता’ के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाता है।

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By gkvidya

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