सन्दर्भ:
: ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में प्रकाशित CEEW और AEEE के संयुक्त विश्लेषण से पता चलता है कि भारत 2005 के स्तर से उत्सर्जन तीव्रता को 45% तक कम करने के अपने 2030 जलवायु लक्ष्य को पार करने की राह पर है।
ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट के बारें में:
: ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) और ऊर्जा कुशल अर्थव्यवस्था के लिए गठबंधन (AEEE) द्वारा इसे प्रकाशित किया जाता है।
: भारत के बारे में मुख्य निष्कर्ष:-
- भारत 2005 के स्तर की तुलना में 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 48-57% की कमी हासिल कर सकता है।
- मिशन लाइफ़ के तहत व्यवहार में बदलाव से 2050 तक उत्सर्जन में 10% तक की कमी आ सकती है।
- बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी 2035 तक 60-68% तक पहुँच सकती है।
- कार्बन मूल्य निर्धारण, टैरिफ सुधार और स्वच्छ तकनीक निवेश भारत के 2070 के शुद्ध-शून्य लक्ष्य के लिए आवश्यक हैं।
- उच्च विकास से कुल उत्सर्जन बढ़ सकता है, लेकिन दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के कारण उत्सर्जन तीव्रता में गिरावट बनी रह सकती है।
