सन्दर्भ:
: भारत सरकार ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद आपदा प्रबंधन में AI के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला।
आपदा प्रबंधन में AI का उपयोग के बारें में:
- आपदा प्रबंधन चक्र- तैयारी, शमन, प्रतिक्रिया और पुनर्प्राप्ति- के सभी चरणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का अनुप्रयोग, जिसका उद्देश्य पूर्वानुमान, निर्णय-निर्माण और समन्वय को बेहतर बनाना है।
- आपदा प्रबंधन में विभिन्न AI अनुप्रयोग:
- मौसम का पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी:
- भारत मौसम विज्ञान विभाग 7 दिन पहले तक मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए AI/ML का उपयोग करता है।
- ‘मिशन मौसम’ के अंतर्गत चक्रवातों की ट्रैकिंग और उनकी तीव्रता का पूर्वानुमान।
- बाढ़ पूर्वानुमान और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग:
- केंद्रीय जल आयोग कम अवधि के बाढ़ पूर्वानुमान के लिए AI का उपयोग करता है।
- वर्षा-आधारित मॉडलिंग का उपयोग करके डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से वास्तविक समय में बाढ़ संबंधी परामर्श।
- जोखिम मानचित्रण और निर्णय सहायता प्रणालियाँ:
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने Web-DCRA और DSS उपकरण विकसित किए हैं।
- गतिशील जोखिम एटलस चक्रवात की तैयारी और निकासी की योजना बनाने में सहायता करते हैं।
- रिमोट सेंसिंग और आपदा मानचित्रण:
- राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र ने बाढ़ आपदा एटलस विकसित किए हैं।
- संवेदनशील क्षेत्रों के मानचित्रण के लिए उपग्रह डेटा और AI का उपयोग किया गया है।
- हिमस्खलन पूर्वानुमान और भू-खुफिया जानकारी:
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) AI का उपयोग इन कार्यों के लिए करता है:
- हिमस्खलन का पूर्वानुमान
- रिमोट सेंसिंग-आधारित पहचान
- स्वायत्त पूर्वानुमान प्रणालियाँ
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) AI का उपयोग इन कार्यों के लिए करता है:
- मौसम का पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी:
