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अघनाशिनी नदीअघनाशिनी नदी
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सन्दर्भ:

: हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि अघनाशिनी नदी-वेदवती नदी जोड़ो परियोजना को ‘विश्व धरोहर संरक्षण’ (World Heritage Conservation) रूपरेखाओं के तहत निर्धारित मानदंडों का पालन करना चाहिए।

अघनाशिनी नदी के बारें में:

  • उद्गम: यह कर्नाटक के पश्चिमी घाट में गडिहल्ली (सिरसी) से निकलती है।
  • अघनाशिनी का अर्थ है “पापों को हरने वाली”; यह दुनिया की उन बहुत कम नदियों में से एक है जो बिना किसी रुकावट के बहती हैं।
  • यह कर्नाटक के ताद्री में अरब सागर से मिलती है।
  • सहायक नदियाँ: दोनिहल्ला, चंडिका होले, मस्ती माने हल्ला, बेन्ने होले आदि।
  • जलप्रपात: ज़मीन की बनावट में अंतर के कारण यहाँ कई जलप्रपात बने हैं, जैसे बुरुडे जलप्रपात, डब्बे जलप्रपात, वाटे हल्ला, बेन्ने होले जलप्रपात और उंचाल्ली जलप्रपात।
  • अघनाशिनी मुहाना: जहाँ अघनाशिनी नदी अरब सागर से मिलती है, वहाँ का यह मुहाना क्षेत्र मैंग्रोव वनों से समृद्ध है और यहाँ मछलियों तथा पक्षियों की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • अघनाशिनी मुहाने को ‘रामसर स्थल’ के रूप में नामित किया गया है।

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By gkvidya

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