स्कूली शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन गांधीनगर में शुरू

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 Rashtriya Schooli Shika Mnatriyon Ka Sammelan Gandhi Nagar
स्कूली शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन गांधीनगर में शुरू
Photo:Twitter

सन्दर्भ-राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन (School Education Ministers’ Conference)

कल से गुजरात के गांधी नगर में शुरू हुआ,जिसमे केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री तथा राज्य सरकारों के शिक्षा मंत्री भाग लिए।

उद्देश्य है:

:ई-सामग्री के प्रसारण और शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में भू-सूचना विज्ञान के उपयोग तथा डिजिटल भेदभाव को समाप्त करने में विभिन्न पहलुओं और बीआईएसएजी-एन की भूमिका पर हितधारकों का अनुकूलन करना।

प्रमुख तथ्य-यह सम्मलेन 1-2 जून 2022 तक चलेगा।
:गांधीनगर में विद्या समीक्षा केंद्र-VSK का दौरा प्रतिभागियों ने शिक्षा मंत्रियों और विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ किया।
:VSK के आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-संचालित दृष्टिकोण की भी सराहना की,जिसने नामांकन और भागीदारी को बढ़ावा दिया है तथा सीखने के परिणामों में सुधार किया है।
:प्रतिभागियों ने BISAG-N स्टूडियो और अन्य तकनीकी केन्द्रों का दौरा किया।
:स्वयं प्रभा के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय (स्कूल, उच्च और तकनीकी शिक्षा) के लिए 34 चैनलों सहित 51 चैनलों के माध्यम से ई-कंटेंट की सहायता करने वाले BISAG-N द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों और पीएम ई-विद्या (PM e-VIDYA) DTH टीवी चैनल के बारें में जानकारी दी गई।
:गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट उपलब्ध कराने हेतु 12 PM e-VIDYA डीटीएच टीवी चैनलों को शुरू करने और इन चैनलों की संख्या को 200 तक बढ़ाने के पीछे लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को दोहराया गया।
:राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय भाषाओं, ज्ञान, विभिन्न विषयों,कौशल विकास,संस्कृति,पर्यावरण,प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए ई-कंटेंट के निर्माण का सुझाव दिया।
:स्थानीय भाषाओं सहित बालवाटिका से कक्षा 12 तक सभी वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण ई-सामग्री विकसित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही गई।
:बीआईएसएजी-एन को सीखने को बढ़ावा देने के लिए अभिनव दृश्य-श्रव्य सामग्री विकसित करने के लिए अपनी सुविधा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
:राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय का भी दौरा किया,जो दुनिया का अपनी तरह का पहला,और एकमात्र सुपर-स्पेशलाइज्ड फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय है।
:गुजरात और भारत का गौरव, NFSU राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है जो प्रशिक्षित पेशेवरों का एक वर्ग तैयार कर रहा है और साइबर रक्षा और अगली पीढ़ी के खुफिया विशेषज्ञों की मांग को पूरा कर रहा है।
:अंतर्राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल उत्कृष्टता केंद्र का दौरा किया,यह गांधीनगर में अपनी तरह का एक अनूठा संस्थान है जो भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के कौशल विकास, प्रशिक्षण और अनुसंधान की जरूरतों को पूरा करता है।


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