सिविल सेवा परीक्षा

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मित्रो सिविल सेवा परीक्षा का अपना एक अलग इतिहास है जब से भारत में शुरू हुआ तब से लेकर आज तक अपनी चमक को बरकार रखे हुवे है,और हम सभी के बिच बिना किसी संकोच के नंबर 1 सर्विस के रूप में विराजमान है,बचपन से ही इससे जुड़ि तमाम तरह की कहानिया हमें उत्साहित और इसे पाने की संघर्ष की और ले जाती है। हाँ सफल होना आसान तो नहीं है बड़ी मेहनत और समय की क़ुरबानी मांगता है परन्तु जब आप सफल हो जाते है तो फिर आप एक स्टार और बहुत से लोगो के लिए प्रेरणास्रोत बन जाते है और इसी कारण से सबसे ज्यादे चर्चा भी होती है और हो भी क्यों न जब गुदरी के लाल की तरह  परीक्षा को पास करते है तो लोग सर आँखों पे बैठा लेते है ऐसे हमारे समाज में बहुत से उदाहरण मिलेंगे। सिविल सेवा के प्रति युवाओं में गज़ब का आकर्षण आज भी बरक़रार है जबकि अन्य प्रकार के आकर्षक जॉब्स इस समय मौजूद है,तो चलिए देखा जाये कैसे इस एग्जाम को पास कर एक सिविल सेवक (IAS/IPS/IFS व अन्य) बनते है।

क्या है सिविल सेवा ?– समाज के कल्याणकारी राज्य के अभिकर्ता (Procurator) के रूप मे एक सिविल सेवक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है क्यों की इसी के मूल में देश और व्यक्ति का विकास निहित होता है।शासन व्यवस्था के स्तर पर देखें तो कार्यपालिका के महत्त्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन सिविल सेवकों के माध्यम से ही किया जाता है और इसी लिए संघ लोक सेवा आयोग सक्षम और सुयोग्य उम्मीदवारों का चयन प्रतिवर्ष करता है ताकि उच्च पदों पर आसीन हो नीति निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाकर समाज और व्यक्ति का निर्बाध विकास कर सके है।

संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष इस परीक्षा आयोजन तीन चरणों में संपन्न करता है जिसमे अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को उनकी रैंक के हिसाब से IAS,IPS और IFS के साथ अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और ग्रुप B) पर पदासीन किया जाता है।

UPSC CSE की रिक्तियां

संघ लोक सेवा आयोग प्रति वर्ष 800 -1300 के बिच होती है पिछले कई वर्षों से इसमें गिरावट देखि गयी है 2021 में यह 822 ही थी UPSC CSE 712 और UPSC IFoS 112,विस्तृत जानकरी के लिए अधिसूचना को देखना सही होगा।

UPSC CSE के लिए पात्रता मापदंड

पात्रता मानदंड आधिकारिक अधिसूचना के साथ जारी किया जाता है। UPSC CSE परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड को 5 वर्गों में वर्गीकृत किया गया है -जैसे:आयु मानदंड और छूट,शैक्षिक योग्यता,राष्ट्रीयता, शारीरिक मानक,प्रयासों की संख्या।

शैक्षिक योग्यता—उम्मीदवार को किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम स्नातक की डिग्री या प्रोफेशनल एवं टेक्निकल डिग्री हासिल होनी चाहिए,जिसे संसद के अधिनियम द्वारा शामिल किया गया है या जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एक डीम्ड विश्वविद्यालय घोषित किया जाना है या उसके पास समकक्ष होना चाहिए।जो उम्मीदवार अपनी स्नातक परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं,वे भी UPSC CSE प्रारंभिक परीक्षा के लिए पात्र हैं,लेकिन उन्हें  UPSC CSE की मुख्य परीक्षा में बैठने के समय डिग्री प्रस्तुत करनी होगी।

UPSC CSE एक पेशेवर एमबीबीएस डिग्री वाले उम्मीदवारों या किसी अन्य मेडिकल परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले लेकिन इंटर्नशिप पूरा नहीं करने वाले उम्मीदवारों को अनंतिम रूप से प्रवेश देगा। परन्तु यह तभी लागू होता है जब वह आईएएस ऑनलाइन आवेदन के साथ विश्वविद्यालय/संस्थान के संबंधित प्राधिकारी से प्रमाण पत्र की एक प्रति जमा करता है।

राष्ट्रीयताअखिल भारतीय सेवाओं जैसे IAS, IPS,या IFS अधिकारी के लिए उम्मीदवारों को भारत का नागरिक होना चाहिए। केंद्रीय सिविल सेवा के लिए, उम्मीदवार को निम्नलिखित में से कोई भी होना चाहिए:

1: भारत का नागरिक

2: नेपाल का एक विषय

3: भूटान का एक विषय

4: तिब्बत से एक शरणार्थी जो 01 जनवरी,1962 से पहले स्थायी रूप से बसने के इरादे से भारत आया था,

या

5: भारतीय मूल का एक व्यक्ति जो भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, संयुक्त गणराज्य तंजानिया, जाम्बिया, मलावी, ज़ैरे, इथियोपिया और वियतनाम से पलायन कर चुका है, बशर्ते कि नेपाल, भूटान, तिब्बती शरणार्थी और ऊपर वर्णित देशों के अन्य भारतीय मूल के उम्मीदवारों की श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवार को भारत सरकार द्वारा जारी पात्रता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

नोट(ध्यान दे):उम्मीदवार जो नेपाल,भूटान का विषय है, या एक तिब्बती शरणार्थी है,उसे भारतीय विदेश सेवाओं में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। साथ ही,जिन उम्मीदवारों को पात्रता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है,उन्हें आईएएस परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा,लेकिन नियुक्ति भारत सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र जमा करने के बाद दी जाएगी।

आयु सीमा और छूट:सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने के लिये उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त  विश्वविद्यालय/ संस्थान से स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है| इस परीक्षा उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित आयु सीमा है-21 वर्ष से 32 वर्ष निर्धारित की गई है।

उम्मीदवार जो अपनी स्नातक परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे आईएएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए पात्र हैं, लेकिन उन्हें यूपीएससी आईएएस मुख्य परीक्षा में बैठने के समय डिग्री प्रस्तुत करनी होगी।

श्रेणीवार आयु में छूट:सामान्य अधिकतम आयु सीमा –32 वर्ष,अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी)-35 वर्ष,एससी/एसटी-37 वर्ष,शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवार-42 वर्ष

नोट(ध्यान दे):आरक्षित श्रेणी/अन्य के उम्मीदवारों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण विवरणों को देखने के लिए आयोग द्वारा जारी अद्यतन अधिसूचना को देखे।

प्रयास(Attempts):आईएएस परीक्षा के लिए उम्मीदवार UPSC द्वारा निर्धारित किये की गयी श्रेणीवार संख्या के अनुसार ही प्रयास कर सकते हैं– सामान्य –6, अति पिछड़ा वर्ग-9,SC/ST–उम्रसीमा तक

शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवार(सामान्य और ओबीसी) के लिए : 9 प्रयास, अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार:आयु सीमा तक असीमित बार.

                          (व्यापक जानकारी के लिए अद्यतन अधिसूचना आवश्य देखें।)

शारीरिक पात्रता:सिविल सेवाओं के लिए उम्मीद्वारों (पुरुष और महिला) को अपने कर्तव्यों और सेवाओं के कुशल निर्वहन के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। इस लिए आयोग द्वारा निर्धारित शारीरिक मानकों के अनुसार होना आवश्यक है।

यूपीएससी सीएसई आवेदन

यूपीएससी सीएसई के लिए आवेदन:UPSC CSE परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन  माँगा जाता है,इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करें और फिर अंतिम रूप से अपने सारे विवरण भर कर  सब्मिशन करें।

आवेदन शुल्क:श्रेणी के अनुसार आयोग आवेदन शुल्क मांगता है -सामान्य और ओबीसी INR 100/- और एससी / एसटी / पीडब्ल्यूडी और महिला को छूट.

आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी किया जा सकता है। ऑनलाइन भुगतान के लिए उम्मीदवार क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/रुपे कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।जबकि ऑफलाइन भुगतान के लिए, ई-चालान डाउनलोड करें और अगले दिन ही दिए गए बैंक शाखाओं में नकद में शुल्क जमा करें।

यूपीएससी सीएसई परीक्षा केंद्र:

उम्मीदवारों को दिए गए परीक्षा केंद्रों में से केंद्र का चुनाव कर सकता है जो भी उसके लिए सुविधाजनक हो।लेकिन आयोग के पास अंतिम रूप से केंद्र के आवंटन का अधिकार होता है।प्रारंभिक परीक्षा केंद्रों की संख्या मुख्य परीक्षा केंद्रों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इसमें अधिक उम्मीदवारों को समायोजित किया जाना होता है।

प्रवेश पत्र: प्रारंभिक परीक्षा आयोग द्वारा निर्धारित तिथि को आयोजित की जाती है इसलिए,आयोग प्रवेश पत्र को परीक्षा की तारीख से तीन सप्ताह पहले उपलब्ध करवाता है। एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए आयोग की वेबसाइट पर जाकर तथा मांगे गए विवरण को भर कर डाउनलोड किया जा सकता है तथा एडमिट कार्ड पर अपने सारे विवरण को सही से जाँच लेना चाहिए।परीक्षा केंद्र में अनुमति के लिए एडमिट कार्ड के साथ एक आईडी प्रूफ ले जाना अनिवार्य होता है।

यूपीएससी सीएसई परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया

UPSC CSE परीक्षा में 2 लिखित परीक्षाएँ होती हैं – प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा। प्रीलिम्स परीक्षा क्वालिफाइंग प्रकृति की होती है, जबकि मेन्स (मुख्य) परीक्षा विवरणात्मक प्रकृति की साथ में व्यक्तित्व परीक्षण भी होता है और इन्ही दोनों के आधार पर मेरिट सूची में उम्मीदवारों के स्थानो (रैंक) का फैसला किया जाता है।

यहाँ हम विस्तृत रूप से सिविल सेवा की परीक्षा पर चर्चा करेंगे।

प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न: इसमें दो पेपर होंगे 1-सामान्य अध्ययन-1 और 2:सामान्य अध्ययन(CSAT )-2 दोनों की प्रकृति ऑब्जेक्टिव होती है।

परीक्षा ऑफलाइन होती है तथा प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे निर्धारित होता है तथा कुल प्रश्नो की संख्या पेपर 1 में 100 प्रश्न और पेपर 2 में 80 प्रश्न होती है जिसके लिए नकारात्मक अंकन के साथ कुल अंक 400 होता है।परीक्षा भाषा अंग्रेजी और हिंदी में होती है।

1.पेपर 1 के विषय है—राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय और विश्व भूगोल-भारत का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल और दुनिया, भारतीय राजनीति और शासन-संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, जनता नीति, अधिकार मुद्दे, आदि। आर्थिक और सामाजिक विकास-सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि। पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे,सामान्य विज्ञान।

पेपर II – समझ;संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल,तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता,निर्णय लेना और समस्या का समाधान,सामान्य मानसिक क्षमता। मूल संख्या (संख्या और उनके संबंध, परिमाण के क्रम, आदि) (कक्षा X स्तर),डेटा इंटरप्रिटेशन (चार्ट, ग्राफ, टेबल, डेटा पर्याप्तता आदि – दसवीं कक्षा का स्तर)

Note: पेपर 2(CSAT) क्वालीफाइंग प्रकृति का होता है जिसमें न्यूनतम अर्हक अंक 33% निर्धारित किए जाते है जिसे प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

मुख्य परीक्षा पैटर्न: सिविल सेवा मेन्स भी एक ऑफ़लाइन परीक्षा है। मुख्य परीक्षा का प्रत्येक पेपर GS के चारों तथा वैकल्पिक विषय के और निबंध के 250 अंक तथा सभी पपेरों के  इसके अलावै क्वालीफाइंग पेपर 1 अंग्रेजी भाषा 300 अंक और क्वालीफाइंग पेपर 2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची  शामिल भाषाओँ में से कोई भी 300 अंक  है लिए 3 घंटे का समय निर्धारित होता है…

पेपर                                                                                                                 मार्क्स

निबंध लेखन                                                                                                    250 अंक

 

सामान्य अध्ययन- I (भारतीय विरासत और संस्कृति, इतिहास और विश्व और समाज का भूगोल),         250 अंक

सामान्य अध्ययन- II (शासन, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध)                        250 अंक

सामान्य अध्ययन-III (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन)  250 अंक

सामान्य अध्ययन- IV (नैतिकता, सत्यनिष्ठा और योग्यता)                                                                           250अंक

वैकल्पिक विषय – पेपर 1                                                                                                        250 अंक

वैकल्पिक विषय – पेपर 2                                                                                                      250 अंक

लिखित परीक्षा में उप योग                                                                                                         1750 अंक

व्यक्तिगत साक्षात्कार                                                                                                                  275 अंक

कुल योग (मेरिट गणना के लिए)                                                                                                     2025 अंक

इसके अतिरिक्त 2 क्वालीफाइंग पेपर भी होता है 300 नंबर के

जिसमे एक अंग्रेजी का होता है तथा दूसरा हिंदी का या सविंधान के 8वी अनुसूची में शामिल कोई भाषा,इन दोनों पेपर्स के अंको का योग्यता निर्धारण में नहीं जोड़ा जाता  है।

साक्षात्कार पैटर्न:मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सभी उम्मीदवार सिविल सेवा व्यक्तित्व परीक्षण के लिए बुलाए जाते है जिसके अंतर्गत उम्मीदवारों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण, शारीरिक और चिकित्सा परीक्षण किया जाता हैं।साक्षात्कार एक पूरी तरह से अलग अनुभव है उम्मीदवारों के लिए जहाँ साक्षात्कारकर्ता इनकी आतंरिक मनोवैज्ञानिक स्थिति का परीक्षण करते है।यह प्रक्रिया उम्मीदवारों के केंद्र पर पहुंचने पर दस्तावेजों के सत्यापन के साथ शुरू हो जाती है,साथ ही डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म (DAF FORM) को भी भरना होता है।

इंटरव्यू के बेहतर समझ के लिए समय-समय पर पूर्व में सफल छात्रों के इंटरव्यू को पढ़ें और विभिन्न माध्यमों से देखे.वैसे हेर उम्मीदवार में अपना एक खाश गन होता है जिसके द्वारा वह इस अंतिम पड़ाव को पर कर लेता है।

प्रीलिम्स रणनीति:मित्रों जब भी सिविल सेवा की तैयारी पर बात चलती है सभी लोग जो इससे जुड़े अपनी-अपनी तेयारी की राणनीति शेयर करते है तो मन में कई बार ऐसी भावना आती है मनो ये तो बड़ा आसान ही है परन्तु अगले पल ही इसकी जटिलता हमें राश्ते से डगमगा देते है परन्तु सकल्प लिए मन को इससे कुछ नहीं होता है वो तो वैरागी हे मलंग है चल चूका है रास्ते पर बस रुकेगा जाकर अपनी मंजिल पर ही,परन्तु इसमें भीड़ भी उतनी है जो अपने अपने बनाये भॅवर में ही उलझ कर अपने राश्ते से कूद को हटा लेता है वार्ना चले तो थे लाखों में परन्तु पहुंचे कुछ सौ ही।

मित्रों सफल और असफल में एक धागे के बराबर ही फर्क होता है परन्तु समझ और स्ट्रेटेजी की गहराई बहुत अंतर कर जाती है दोनों के बीच,इसलिए अपनी तैयारी के जड़ को मजबूती से जमाइये और अपनी खाश रणनीति से सफलता के शिखर तक पहुँचिये,आप सभी में कुछ खास है..

दिल और दिमाग से बहुत क्लियर रहिये और उठा लीजिये अपने सरे विषयों की बेसिक किताबों को खास तौर पर NCERTs की बुनियादी किताब को,सच में मित्रों रास्ता थोड़ा आसान होगा और भटकाव भी कम होगा,अपने पाठ्यक्रम को पढ़े और उसी के अनुशार अपनी तैयारी के क्रम को आगे बढ़ाएं,एक ही विषय के कई किताबों को पढ़ने से बेहतर है उस विषय के एक ही मानक किताब को बार बार पढ़ें ताकि उस टॉपिक पर पकड़ मजबूत हो सके और समय भी बचे। सारे विषयों के नोट्स बनाये उनका बार बार रिवीजन करें साथ ही प्रीवियस इयर्स के प्रश्नो को हल करें और ज्यादे से ज्यादे टेस्ट दें ताकि एग्जाम में बैठते समय आपमें विस्वास रहे और सही सही प्रश्नो के उत्तर दे सकें.

मुख्य परीक्षा रणनीति :सारे पेपर्स बहुत महत्वपूर्ण है अतः उन पर बेहतर पकड़ बहुत मजबूत होनी चाहियें चाहे वो ऑप्शनल विषयों की बात हो या सामान्य अध्ययन की सब का अपना महत्पूर्ण स्थान है अतः किसी आंकना खतरें से खाली नहीं होगा इस लिए हर प्रश्नपत्र को सामान रूप से सम्मान देना बहुत जरुरी है क्यों की इस परीक्षा में यह बात बिल्कुल मायने नहीं रखती है कि किस अभ्यर्थी को कितने अंक  मिले हैं,महत्त्व सिर्फ इस बात का है कि किसी अभ्यर्थी  को अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में कितने कम या अधिक अंक प्राप्त हुए हैं।

इस लिए सामान्य अध्यन ,निबंध और वैकल्पिक विषय को बहुत सारगर्भित रूप से तैयार करें साथ वैकल्पिक विषयों को चुनने के कई आधार है पर मेरा मानना है की किसी विषय का रुचिकर होना आपको जोड़ता है और आपकी मेहनत से उस विषय में अच्छा प्रदर्शन किया जा सकता है साथ ही उस विषय की स्थिरता,अंको की सम्भावना,पाठ्यक्रम का छोटा आकर,बहु उपयोगिता और पृष्ठ्भूमि साथ उस विषय की मानक पुष्तकों की  उपलब्धता बहुत मायने रखती  है,जैसे इतिहास ,हिंदी साहित्य,भूगोल और दर्शन शास्त्र को इस आधार पर विगत कई वर्षों से इनके प्रदर्श को देखा जा सकता है,इन्ही विषयों को आधार बनाकर सामान्य अध्ययन की तैयारी करनी चाहिए साथ ही समसामयिकी को जोड़ कर इसको और मजबूत करना चाहिए।

सामान्य अध्ययन के सभी खण्डो  इतिहास,भारतीय विरासत और संस्कृति,विश्व इतिहास भूगोल एवं विश्व का भूगोल,राजव्यवस्था,अंतर्राष्ट्रीय संबंध ,समाज एवं सामाजिक न्याय,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,अर्थव्यवस्था,आतंरिक सुरक्षा ,पर्यावरणीय मुद्दे एवं आपदा प्रबंधन का उचित सम्मान करते हुवे मानक पुस्तकों ली सहायता से तयारी करें ताकि मेधा सूचि में आपका नाम आये।इसी प्रकार पेपर 4 को भी तार्किक तौर में अपने को तैयार करें इसके लिए ज़रूरी है की विगत वर्षो के पेपर को आधार बनायें क्यों की यह प्रश्नपत्र अपनी मूल प्रवृत्ति में बहुत ही रचनात्मक और मौलिक है कारण है आपमें भी  ऐसे ही गुणों की जाँच करना है।तो घबराएं नहीं और मौलिक रहते हुवे इसकी तैयारी करें।

परन्तु अगला नंबर निबंध का है जो आपको 250 अंकों में से 160-170 अंक तक दे सकता है परन्तु हम में से कई इसे हलके में ले लेते है और परिणाम यह होता है की बेहतर करने के बाद भी चयनित नहीं हो पाते इसका करना है अति आत्म-विश्वास’ का शिकार हो जाना, क्योंकि सभी में तो ऐसी प्रतिभा नहीं हो सकती कि सीधे परीक्षा भवन में निबंध लिखें और अच्छे अंक पा ले तो फिट ऐसे खतरे में अपने को क्यों डालना काया यह ज़रूरी नहीं की हम इसका पुर अभ्यास करें और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करे।

क्वालिफाइंग हिंदी भाषा और ,क्वालिफाइंग अंग्रेज़ी भाषा प्रश्नपत्र का भी पूरा ध्यान दे क्यों की क्वालीफाइंग नेचर होने के बाद भी इसके अपने मायने है तो क्यों हम इसे हलके में ले हाँ, पहले की तुलना में इसकी  चुनौतियाँ कम अवश्य हुई हैं परंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि इसे एकदम  नज़रअंदाज़ कर दिया जाए,इसलिए 25 % अंको के लिए इसके विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति का सूक्ष्म अवलोकन करें तथा उन प्रश्नों के उत्तर लेखन का अभ्यास करें जिनमें आप सहज हों।

मित्रो ये सब तरीके अपनाने ही चाहिए क्यों की इसके माध्यम से हम मेधा सूची तक पहुंच सकते है।

सिविल सेवा के अधिकारियों का वेतन और लाभ

ये अधिकारी भारत की केंद्र सरकार के तहत सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों में से एक हैं। नए वेतन ढांचे के अनुसार, एक अधिकारी जो आईएएस अधिकारी या किसी अन्य सिविल सेवा के रूप में शामिल होगा,उसका मूल वेतन 56,100/- रुपये है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार एक आईएएस अधिकारी का शुरुआती वेतन लगभग 70,000 रुपये है।साथ ही वेतन के साथ,अधिकारियों को प्रिय भत्ते, यात्रा भत्ते, मकान किराया भत्ते, टिफिन भत्ते, चिकित्सा भत्ते, राशन, चिकित्सा बीमा इत्यादि जैसे कई भत्ते मिलते हैं जो पोस्टिंग और पदनाम के कारण परिवर्तनीय होते हैं। .

अधिकारियों को 2 साल की परिवीक्षा अवधि को पूरा  करना पड़ता है जो कि शामिल होने के बाद प्रशिक्षण अवधि से शुरू होगी। नए भर्ती किए गए उम्मीदवारों को “100-दिवसीय फाउंडेशन कोर्स” के लिए बुलाया जाता है ,जो दो साल के प्रशिक्षण का पहला चरण है।

प्रशिक्षण के दौरान, उम्मीदवारों को सीखने की प्रक्रिया के रिकॉर्ड को बनाए रखना होगा और प्रशिक्षण प्रक्रिया एक परीक्षा के साथ समाप्त होगी।

परिवीक्षाधीन अवधि की परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को वेतन संरचना और पदोन्नति प्राप्त होगी जूनियर स्केल से लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी ग्रेड तक।

 

उम्मीद करता हु मित्रो की मै आप तक कुछ महत्वपूर्ण सूचना पंहुचाने में सफल रहा होऊंगा फिर भी अगर आप हमें कुछ परामर्श देना चाहे तो अप्प हमें एक मेल  है info@gkvidya.com and trygkvidya@gmail.com

 


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