लोगो को अब अपनी भाषा में मिलेंगे “भूमि अभिलेख”

शेयर करें

NGDRS
अपनी भाषा में मिलेंगे भूमि अभिलेख

सन्दर्भ-केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने घोषणा की कि जल्द ही देश के लोग अपनी भूमि का रिकॉर्ड अपनी भाषा में प्राप्त कर सकेंगे।
:केंद्रीय मंत्री बजट में घोषित भूमि शासन सुधारों पर एक ई-पुस्तक जिसका शीर्षक था “Empowering Citizens- Powering India” (नागरिकों को सशक्त बनाना-भारत को सशक्त बनाना)” का विमोचन करने के बाद बोल रहे थे।
प्रमुख तथ्य-इसके लिए भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, अप्रैल 2022 से बहुभाषी सॉफ्टवेयर शुरू करने की योजना बना रहा है।
:इस बहुभाषी सॉफ्टवेयर के द्वारा भूमि रिकॉर्ड 22 भाषाओं में उपलब्ध होगा।
:बहुभाषी भूमि रिकॉर्ड संभावित व्यक्तियों को उनकी क्षेत्रीय और मातृ भाषाओं में जानकारी की सुविधा प्रदान करेगा।
:NGDRS(National Generic Document Registration System) सॉफ्टवेयर के उपयोग के परिणामस्वरूप राज्य सरकारों को भू-राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है,अब इसे 13 राज्यों में लागू किया जा रहा है, जिससे 22 करोड़ लोगों को लाभ होगा।
:इस प्रणाली के माध्यम से 30.9 लाख दस्तावेज पंजीकृत किये जा चूके हैं,जिनसे 16 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
:ULPIN (यूनीक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर) लागू होने के बाद जमीन पर अधिकारों का कोई गलत दावा नहीं होगा।
:ULPIN को PAN,आधार,भूमि अभिलेख,न्यायालय और बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने से भूमि मामलों में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से छुटकारा मिलेगा।
:अब तक,ULPIN को 14 राज्यों में शुरू किया जा चूका है।
:ई-बुक की विषयवस्तु विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (ULPIN),राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) और भूमि अभिलेखों में भाषाई बाधा को तोड़ने के लिए-बहुभाषी भूमि रिकॉर्ड से संबंधित है।
:भूमि संसाधन विभाग द्वारा डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने के बाद भूमि अभिलेख सूचना और प्रबंधन में ठोस पारदर्शिता आई है।


शेयर करें

Leave a Comment