रेलवे प्रोटेक्शन बल का “मिशन जीवन रक्षा”

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रेलवे प्रोटेक्शन बल का “मिशन जीवन रक्षा”

सन्दर्भ-रेलवे प्रोटेक्शन फाॅर्स ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए मिशन जीवन रक्षा के तहत अपनी जान को परवाह किए बगैर 600 से अधिक जिंदगियों को बचाया।
प्रमुख तथ्य-:विगत चार वर्षों में आरपीएफ के जवानों ने करीब 1650 लोगो को बचाई है।
:इसके अतिरिक्त खोए या बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से भी मिलाया है।
:महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े पैमाने पर काम कियाजिसके लिए 244 टीमों को तैनात किया गया था।
:630 लोगो को मानव तस्करी से बचाया गया,23 करोड़ के मूल्य के सामान मालिकों तक पहुंचाया।
:लगभग 12000 बच्चों को बिछड़ने से बचाया गया।
:620 ड्रग पेडलर्स को पकड़ने के साथ लगभग 15 करोड़ मूल्य के ड्रग्स को जब्त किए गए।
:आरपीएफ ने वाइल्डलाइफ और एनिमल स्मगलिंग को भी गया।
:आरपीएफ के जवानों को राष्ट्रपति ने 9 जीवन रक्षा पदक और एक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया है।
:NCR के भरवारी स्टेशन रेलवे स्टेशन पर 2 मार्च 2021 को आत्महत्या की कोशिश करती महिला को बचाने में हेड कांस्टेबल श्री ज्ञानचंद ने अपना जीवन बलिदान कर दी।
:पुरे देश में 132 चाइल्ड हेल्प डेस्क कार्यरत है,जहाँ आरपीएफ बच्चों के बचाव के लिए मनोनीत एनजीओ के साथ काम करती है।
आरपीएफ-इसकी स्थापना रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम,1957 द्वारा किया गया था।
:यह रेल मंत्रालय के तहत कार्य करता है।


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