मिलिट्री प्रशिक्षण स्कूल RIMC का शताब्दी वर्ष

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RIMC 100 YEARS
मिलिट्री स्कूल RIMC का शताब्दी वर्ष

सन्दर्भ-राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज जो देहरादून में स्थित है ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पुरे किए।
उद्देश्य था-ब्रिटिश भारतीय सेना के अधिकारी संवर्ग के भारतीयकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में भारतीय युवाओं को शिक्षित और प्रशिक्षित करना।
प्रमुख तथ्य-यह भारत का सबसे पुराना मिलिट्री सैन्य प्रशिक्षण स्कूल है।
:इस संस्थान का उद्घाटन 13 मार्च 1922 को तत्कालीन प्रिंस ऑफ़ वेल्स किंग एडवर्ड VIII ने किया था।
:1922 में राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज के पहले बैच का गठन किया गया था।
:इस संस्थान ने अब तक भारतीय सेना को 6 सेना प्रमुख,41 सेना कमांडर और 163 लेफ्टिनेंट जनरल दिए है।
:RIMC प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी,एझिमाला के लिए प्रमुख पोषक संस्थान के रूप में है।
:यह लगभग 11-18 वर्ष के आयुवर्ग के छात्रों को विशेष रूप से अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पब्लिक स्कूल एजुकेशन प्रदान करता है।
:भारत के अतिरिक्त पाकिस्तान और बांग्लादेश के भी कई शीर्ष अधिकारी इस संस्थान से स्नातक है।
:यह एक इंटर सर्विस श्रेणी ए वाला प्रतिष्ठान है जिसे रक्षा मंत्रालय के तत्वाधान में सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) के द्वारा प्रशासित किया जाता है।
:भारतीयों को उपयुक्त शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करना था जिससे उनके लिए रॉयल मिलिट्री कॉलेज,सैंडहर्स्ट,यूके में उच्च उत्तीर्ण दर सुनिश्चित की जा सके जा सके।


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