महिला और बाल विकास मंत्रालय की कवच योजनायें

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KAVACH YOJNAYEN
कवच योजनायें

सन्दर्भ- हाल ही में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने तीन महत्त्वपूर्ण कवच योजनाओं को मिशन मोड में क्रियान्वित करने को मंजूरी दी है।
ये योजनायें हैं – मिशन पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य
उद्देश्य है-देश को सतत और समतावादी विकास की ओर ले जाना,साथ ही अच्छा पोषण,खुशहाली तथा आत्मविश्वास से परिपूर्ण और आत्मनिर्भर बनाना।
लक्ष्य क्या है-महिलाओं और बच्चों के लिये राज्यों द्वारा किये जाने वाले कामों में जो खामियां रह गई हैं, उन्हें समाप्त किया जाये तथा इस दिशा में अंतर-मंत्रालयी और अंतर-क्षेत्रीय तालमेल को प्रोत्साहित करना,ताकि लैंगिक समानता तथा बच्चों को ध्यान में रखकर कानून, नीतियां और कार्यक्रम बनाये जा सकें।
मिशन पोषण 2.0-एक एकीकृत पोषण समर्थन कार्यक्रम है,जो बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और दुग्धपान कराने वाली माताओं में कुपोषण की चुनौतियों का समाधान करता है,इस कार्यक्रम के तहत खाद्य-पदार्थों की गुणवत्ता तथा उनकी आपूर्ति को बेहतर बनाया जाता है।
:इसके तहत देश के मानवीय पूंजी विकास में योगदान करेगा, कुपोषण की चुनौतियों का समाधान करेगा, सतत स्वास्थ्य और आरोग्य के लिये पोषण जागरूकता तथा खान-पान की अच्छी आदत को प्रोत्साहित करेगा और प्रमुख रणनीतियों के जरिये पोषण सम्बंधी अभावों को दूर करेगा।
:इस कार्यक्रम के तहत, पोषण नियम और मानक तथा टीएचआर की गुणवत्ता और परीक्षण में सुधार लाया जायेगा।
:इसके दायरे में तीन महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम/योजनायें हैं, जैसे आगनवाड़ी सेवा, किशोरियों के लिये योजना और पोषण अभियान।
:मंत्रालय ने एक मार्च, 2021 को “पोषण ट्रैकर” की शुरूआत की थी।
:मिशन पोषण 2.0 का कुल वित्तीय खर्चा 1,81,703 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्रीय योगदान के रूप में 1,02,031 करोड़ रुपये और राज्यों का हिस्सा 79,672 करोड़ रुपये है।
मिशन शक्ति-महिलाओं के लिये एक एकीकृत नागरिक-केंद्रित जीवनपर्यन्त समर्थन योजना है।
:इसके अंतर्गत एकीकृत देखभाल, सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के जरिये महिलाओं को बंधन मुक्त किया जाता है।
:जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं की प्रगति के क्रम में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
:मिशन शक्ति की दो उप-योजनायें हैं –
सम्बल उप-योजना –यह महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण के लिये है,जैसे- एकल केंद्र (ओएससी), महिला हेल्पलाइन (181-डब्लूएचएल) और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ इसके अलावा नारी अदालतें जैसा नया घटक जोड़ा गया है।
सामर्थ्य उप-योजना-यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये है,जैसे-उज्ज्वला, स्वाधार गृह और कामकाजी महिला हॉस्टल,कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिये राष्ट्रीय क्रेच योजना तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना।
:मिशन शक्ति का कुल वित्तीय खर्च 20989 करोड़ रुपये है,जिसमें केंद्र का हिस्सा 15761 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 5228 करोड़ रुपये है।
मिशन वात्सल्य-:इसे सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्पदा के रूप में माना है जिसका उद्देश्य है भारत के हर बच्चे को स्वस्थ और खुशहाल बचपन प्रदान करना।
:मिशन वात्सल्य का कुल वित्तीय खर्च 10916 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 6298 करोड़ रुपये तथा राज्य का हिस्सा 3988 करोड़ रुपये है।
:सभी तीनों अभियानों को 15वें वित्त आयोग अवधि 2021-22 से 2025-26 के दौरान क्रियान्वित किया जायेगा।


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