भारत में स्थापित होगा पहला “कार्बन कैप्चर सेंटर”

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CARBON CAPTURE CENTER
भारत मे “कार्बन कैप्चर सेंटर”

सन्दर्भ-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कार्बन कैप्चर एंड युटीलाईजेसन-NCoE-CCU) की स्थापना की घोषणा की है।
प्रमुख तथ्य-:इसे विज्ञानं और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञानं और प्रौद्योगिकी विभाग के मदद से स्थापित किया जाएगा।
:इसका वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा किया जाएगा जिसकी औपचारिक स्वीकृति दिसंबर 2021 में दे दी गई है।
NCoE-CCU- यह सेंटर कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन में प्रौद्योगिकीयों की क्षमता स्पष्ट करेगा,जिसमे अनुसंधान का मुख्य फोकस वैश्विक जलवायु में कार्बन डाईऑक्साइड के महत्त्व की समझ को शामिल करने पर होगा।
:यह कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
:यह क्षमता निर्मलं कार्यक्रमों के द्वारा एक समस्या उन्मुख दृष्टिकोण विकसित करेगा।
:यह केंद्र भारत में संभावित औद्योगिक क्षेत्र में एक एक सर्कुलर कार्बन अर्थव्यवस्था रूप मे शामिल होने का नेतृत्व प्रदान करेगा।
कार्बन कैप्चर एंड युटीलाईजेसन एंड स्टोरेज-यह एक प्रक्रिया है जो कोयला आधारित विद्युत् केंद्र जैसे स्रोतों से कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन को कैप्चर करेगा।
:यह कैप्चर किए गए कार्बन डाइऑक्सइड को संगृहीत करके पुनः उपयोग करता है जिससे यह पर्यावरण में प्रवेश नहीं कर पाता है।
:ज्ञात हो की ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र लगभग 50% ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जित करता है।


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