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Chip Designing-C-DAC
भारत में चिप डिजाइनिंग अब कोई भी कही से भी कर सकता है
Photo:Twitter

सन्दर्भ-भारत में चिप डिजाइनिंग का लोकतंत्रीकरण हुआ है जिससे अब कोई भी कही से भी सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग कर सकता है।
प्रमुख तथ्य-:इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय देश भर के 120 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में सेमीकंडक्टर डिजाइन परिकल्पना के व्यवस्थित कायाकल्प की प्रक्रिया में है।
:चिप डिजाइन को एक रणनीतिक जरुरत के रूप में समझते हुए,MEITY द्वारा पहले वर्ष 2021 में चिप्स टू सिस्टम डिजाइन (SMDP-C2SD) के लिए विशेष जनशक्ति विकास कार्यक्रम के तहत एक प्रमुख परियोजना का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।
:जिसमें C-DAC ने चिप्स डिजाइन करने के लिए 60 शैक्षणिक संस्थानों में 50,000 से अधिक इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए सक्षम किया गया था।
:अगले 5 वर्षों के लिए डिजाइन क्षेत्र में अब देश भर के 120 शैक्षणिक संस्थानों में 85000 से अधिक बी.टेक,एम.टेक और पीएचडी छात्रों को चिप में प्रशिक्षित करने के लिए सी-डैक में इंडिया चिप सेंटर सेटअप में उपलब्ध कराए जाने के लिए एक केंद्रीकृत चिप डिजाइन बुनियादी ढांचे को सुलभ बनाने की योजना है।
:इंडिया चिप सेंटर (C-DAC ) में आयोजित केंद्रीकृत डिजाइन सुविधा में न केवल पूरे चिप डिजाइन चक्र 7 NM या उन्नत नोड तक जा रहे हैं।
:पिछले सप्ताह सेमीकॉन इंडिया-2022 सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ,अधिकांश वैश्विक सेमीकंडक्टर कम्पनियों (जैसे इंटेल,माइक्रोन,क्वालकॉम,एलएएम रिसर्च आदि) ने न केवल भारतीय अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के योगदान पर प्रकाश डाला।
:चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम और सेमीकंडक्टर नीति में अन्य पहलों के माध्यम से भारत को सेमीकंडक्टर हब में बदलने के लिए अत्यधिक कुशल इंजीनियरों का एक डिज़ाइन टैलेंट पूल उपलब्ध कराने की कल्पना की है।


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By gkvidya

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