बोडो साहित्य सभा का 61वां वार्षिक सम्मेलन

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61st BODO SAHITYA SABHA SAMMELAN
बोडो साहित्य सभा का 61वां वार्षिक सम्मेलन
Photo:Twitter

सन्दर्भ-राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने 4 मई, 2022 असम के तामुलपुर में बोडो साहित्य सभा (Bodo Sahitya Sabha) के 61वें वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया।
प्रमुख तथ्य-राष्ट्रपतिके अनुसार मई का महीना बोडो लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है,क्योंकि वे 1 मई को बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा (Bodofa Upendra Nath Brahma) को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हैं।
:बोडोफा ने “जियो और जीने दो” का संदेश फैलाया था।
:बोडो स्वाभिमान के प्रति जागरूक रहते हुए सभी समुदायों के साथ सद्भाव बनाए रखने का उनका संदेश हमेशा प्रासंगिक रहेगा।
:बोडो भाषा,साहित्य और संस्कृति को मजबूत करने में पिछले 70 वर्षों के दौरान अमूल्य योगदान देने के लिए बोडो साहित्य सभा की सराहना की गई।
:बोडो भाषा को मान्यता दिलाने में बोडो साहित्य सभा के संस्थापक-अध्यक्ष जॉय भद्र हगजर और महासचिव सोनाराम थोसेन ने सराहनीय प्रयास किए हैं।
:अब तक 17 लेखकों को बोडो भाषा में उनकी रचनाओं के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
:इनमें से 10 लोगों को कविता के लिए सम्मानित किया गया है।
:कई महिलाएं बोडो साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिख रही हैं,लेकिन अभी तक सिर्फ दो महिलाओं को ही साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल सका है,ऐसे में इनको प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
:बोडो साहित्य सभा द्वारा युवा लेखकों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
:अब अन्य भाषाओं की रचनाओं का भी बड़े उत्साह के साथ बोडो भाषा में अनुवाद किया जा रहा है।
:राष्ट्रपति ने असम सरकार से बोडो भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने की अपील की है।


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