बजट हाईलाइट:वित्त मंत्री का वृद्धि पर जोर

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बजट हाईलाइट:वित्त मंत्री का वृद्धि पर जोर

सन्दर्भ-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 2022-23 का आम बजट पेश की है,जिसमे वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट में,निवेश चक्र को आगे बढ़ाने और 2022-23 तक महामारी से भारत की आर्थिक सुधार को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर दांव लगाया है।
प्रमुख तथ्य-वित्त मंत्री के अनुसार केंद्र सरकार का ‘प्रभावी पूंजीगत व्यय’ 2022-23 में 10.68 लाख करोड़ या सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 4.1% होने का अनुमान है।
:यह चालू वर्ष के लिए ₹8.4 लाख करोड़ के संशोधित अनुमान से 27% अधिक है,जो इस तरह के पूंजीगत व्यय के लिए 2020-21 के आवंटन से लगभग 28% अधिक है।

:वित्त मंत्री के अनुसार 2021-22 के आर्थिक सर्वेक्षण द्वारा अनुमानित 8-8.5 प्रतिशत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को मानते हुए 2022-23 में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट 11.1 फीसदी रहने की उम्मीद है,इसका मतलब है कि अगले वर्ष के लिए औसत मुद्रास्फीति को 2.6 प्रतिशत से 3.1 प्रतिशत पर रखा गया है।
:पिछले साल के बजट में सार्वजनिक निवेश में तेज वृद्धि से गुणक प्रभावों से भारत की आर्थिक सुधार को लाभ मिल रहा है, मंत्री ने कहा कि कैपेक्स में तेजी से तीव्र और निरंतर पुनरुद्धार के साथ रोजगार सृजन भी हो रहा है।
:बेहतर बुनियादी ढांचे के पुश द्वारा किसानों की मदद करते हुए पूंजीगत व्यय बड़े उद्योगों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से सेवाओं और विनिर्मित इनपुट की मांग को भी प्रेरित करेगा।
:अर्थव्यवस्था ने महामारी के प्रभाव से बाहर निकलने के लिए उच्च वृद्धि के साथ मजबूत लचीलापन दिखाया है।
:पूंजी खाते पर केंद्र का अपना खर्च, आने वाले वर्ष से ₹7.50 लाख करोड़ तक बढ़ाया जा रहा है,जो की 2019-20 में परिव्यय से 2.2 गुना अधिक है।
:बजट 2021-22 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹5.54 लाख करोड़ आवंटित किए गए थे,जिसे संशोधित अनुमानों में बढ़ाकर लगभग ₹6.03 लाख करोड़ कर दिया गया है।
:इस बार भी केंद्रीय बजट-2022 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
:हालाँकि सरकार ने कोआपरेटिव (सहकारिता) टैक्स को घटाने (अब 15% पूर्व 18%)के साथ उस पर लगने वाला सरचार्ज को कम किया है साथ ही पेंशन पर लगने वाले टैक्स में कर्मचारियों को छूट दी जाएगी।
:60 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा।
:5जी सेवा इसी साल आएगी और सभी गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा।

:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक नई डिजिटल करेंसी लेकर आएगा।

:अगले तीन सालों में 100 पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित होंगे।

:अगले तीन साल में 400 नई जेनरेशन की वंदे भारत ट्रेनें लाई जाएंगी।

: डाकघरों (पोस्ट ऑफिस) को कोरबैंकिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा।

:ITR में गड़बड़ी सुधारने हेतु दो साल का वक्त मिलेगा।

:PM-KISAN के लिए 4.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 68,000 करोड़ रुपये आवंटित।

:वर्ष 2022-23 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 25,000 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा।

:ई पासपोर्ट जारी होगा।
:जीरो फॉसिल फ्यूल पालिसी अपनायी जाएगी।
:सॉवेरेन ग्रीन बांड जारी किया जाएगा।
:पीएम ई-विद्या 200 चैनल बढ़ाए जाएंगे।
:राज्यों को एक लाख करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
:एमएसपी भुगतान के लिए 2.37 लाख करोड़ का आवंटन किया गया।
:आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना को मार्च 2023 तक बढ़ा दी गयी है।
:सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट को नया रूप दिया जाएगा।

::नल से जल योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित।
:विभिन्न राज्यों में पांच नदी लिंक परियोजनाएं।
:प्रधान मंत्री आवास योजना में अतिरिक्त 48,000 करोड़ रुपये।


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