डेली करेंट अफेयर्स 22अक्टूबर 2021

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1-पुलिस स्मृति दिवस

प्रमुख तथ्य-1:पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है,इस दिन ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

2:इस दिन को पुलिस बलों के समर्पण त्याग बहादुरी के सम्मान के तौर पर भी चिन्हित किया जाता है।

3:21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट-स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में मातृभूमि की अखंडता की रक्षा करते हुए 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे,इसके पश्चात जनवरी 1960 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

4:अक्टूबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में नवनिर्मित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का अनावरण किया,इस स्मारक के तहत-संग्रहालय,शौर्य दीवार (The wall of valour),और केंद्रीय शिल्पाकृति है।

5:द वालऑफ वेलर में स्वतंत्रता के बाद से 31 अगस्त 2019 तक अपने प्राणों की आहुति देने वाले 35134 शहीदों के नाम उकेरे गए हैं।

2-ग्लोबल पेंशन इंडेक्स 2021 जारी

प्रमुख तथ्य-1:मर्सर सीएफए इंस्टिट्यूट ने जारी किया ग्लोबल पेंशन इंडेक्स 2021.

2:इस सूचकांक में सिर्फ तीन स्थान पर आइसलैंड, नीदरलैंड,और डेनमार्क रहे वहीं थाईलैंड को सबसे निचला पायदान मिला

3:इस सूचकांक में भारत का स्थान 43 देशों में 40वां रहा तथा कूल स्कोर 43.3 रहा।

4:यह सूचकांक विभिन्न देशों में सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा की स्थिति को दर्शाता है।

5:भारत 2020 के सूचकांक में 39 पेंशन प्रणालियों वाले देशों में 34वें स्थान पर था।

6: इस सूचकांक के तहत 3 उप-सूचकांको एडेक्वेंसी,सस्टेनेबिलिटी और इंटीग्रिटी के आधार पर पेंशन व्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया जाता है

7:तीनों उप-सूचकांक के मामले में भारत को मामले में भारत को क्रमशः 33.5,41.8, और 61 अंक मिले हैं।

9: इस सूचकांक में पहली बार ताइवान,संयुक्त अरब अमीरात और उरुग्वे की सेवानिवृत्ति प्रणालियों को शामिल किया गया है।

मर्सर कंसल्टिंग क्या है- यह एक प्रमुख वैश्विक प्रबंधन फर्म है,जो 50 से अधिक संकेतको का उपयोग करके रिटायरमेंट इनकम सिस्टम का मूल्यांकन करने के लिए वार्षिक सूचकांक निकालती है।

3-जापान का माउंट ऐसो ज्वालामुखी

क्यों है चर्चा में-जापान के इस ज्वालामुखी मैं विस्फोट होने से इसकी राख 3500 मीटर यानी 2.17 मीटर ऊंचाई आकाश में फैल गई थी।

प्रमुख तथ्य-1:यह ज्वालामुखी जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू पर स्थित है।

2:सितंबर 2014 में जापान के मध्य नागानो प्रांत के माउंट ओंटेक में लगभग 90 साल में सबसे घातक विस्फोट देखी गई थी।

3:ज्वालामुखी विस्फोट की दृष्टि से जापान दुनिया के सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक है,क्योंकि यह पेसिफिक रिंग आफ फायर पर स्थित है,जहां बड़ी संख्या में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं होती रहती है।

4:जापान मेटियोरोलिजकल एजेंसी JMA, जापान में प्राकृतिक आपदा और रोकथाम गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

4-नीति आयोग के अटल इन्नोवेशन मिशन की डीजी बुक का लोकार्पण

प्रमुख तथ्य-1:डीजी बुक-इन्नोवेशंस फॉर यू सेक्टर इन फोकस हेल्थ केयर” का लोकार्पण किया गया है,जो विभिन्न डोमेन में अटल इन्नोवेशन मिशन के स्टार्टअप्स को दर्शाने का प्रयास है,जिन्होंने नए बाधाकारी और नवोन्मेषी उत्पादों सेवाओं और समाधान के लिए काम किया है तथा एक स्थाई भविष्य का मार्ग प्रशस्त् कर सकते हैं।

2:इस पुस्तक का पहला संस्करण स्वास्थ्य देखभाल के नवाचार पर केंद्रित है।

3:इस पुस्तक में देशभर में फैले अटल इनक्यूबेशन सेंटर में विकसित 45 हेल्थ टेक स्टार्टअप्स का संकलन किया गया है,जो कि एआई,आईओटी,आईसीटी तथाअन्य प्रमुख तकनीकों का लाभ उठा रहे हैं,ताकि एनीमिया,मलेरिया दंत चिकित्सा देखभाल,स्वास्थ्य,नवजात और बच्चे की देखभाल,और मानव जीवन के आवश्यक अंगों की निगरानी जैसी समस्याओं के लिए सामाजिक रूप से उचित समाधान प्रधान कर सके।

4:नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने स्टार्टअप और उनके नव उत्पादों की सराहना करते हुए कहा यह पुस्तक आने वाले उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन के रूप में कार्य करेगी जो भारत की कुछ प्रमुख चुनौतियां का समाधान करने के लिए रचनात्मकता और कल्पना के मार्ग पर काम करेंगे,अटल इन्नोवेशन मिशन के साथ भारत सरकार युवा नेताओं को उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रही है।

5:अटल इन्नोवेशन मिशन क्या है- नवोन्मेष और उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है,जिसे इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रबंधन करने और इसमें क्रांति लाने के लिए उद्योग विशिष्ट संस्थानों की एक संस्था बनाने का काम सौंपा गया है,जो विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सारे नवोन्मेष चक्र का मोटे तौर पर जिक्र करता है,वही अटल टिंकरिंग लेबोरेटरीज नहीं खोज करने वालों को तैयार करता है।

विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें –  https://aim.gov.in/pdf/AIM_HealthcareCTB.pdf 

5-एनपीसीआई एनटीस प्लेटफार्म लांच किया

प्रमुख तथ्य-1:व्यापारियों के साथ कार्ड विवरण इकट्ठा करने के विकल्प के रूप में कार्ड के टोकेनाइजेशन को मदद देने के लिए 20 अक्टूबर को इस सिस्टम को लांच किया गया है।

2:यह रुपए कार्डों के टोकेनाइजेशन का समर्थन करेगा जिससे एनटीएस बैंकों की सुरक्षा के साथ ग्राहकों को खरीदारी का सहज अनुभव कराएगा।

3:एनटीएस  के लांच के साथ अधिग्रहण करने वाले बैंक, मर्चेंट,एग्रीगेटर और अन्य लोग स्वयं को एनपीसीआई से प्रमाणित करवा सकते हैं,टोकन अनुरोधकर्ता सभी इकट्ठा किए गए कार्ड नंबरों के लिए टोकन संदर्भ संख्या को सहेजने में मदद करेगा।

4:यह कार्ड ऑन फाइल टोकेनाइजेशन समाधान न केवल ग्राहकों के गोपनीय डेटा की सुरक्षा करेगा,अपितु पूरे डिजिटल भुगतान वातावरण को और मजबूती देगा।

6-माउंट हैरियट का नाम बदला गया

क्यों है चर्चा में- केंद्र सरकार ने अंडमान और निकोबार दीप समूह के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर कर दिया है।

प्रमुखतथ्य -1:माउंट हैरियट-अंडमान और निकोबार दीप समूह की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है जो दक्षिणी अंडमान जिले की फेरगूंज तहसील में स्थित है,ब्रिटिश राज के समय चीफ कमिश्नर की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी,ऐसा कहा जाता है कि इसका नामकरण करण ब्रिटिश कलाकार और फोटोग्राफर हैरियट क्रिस्टीना टाइटलर के नाम पर किया गया था।

2:माउंट हैरियट का मणिपुर से क्या संबंध है 1891 के एंग्लो मणिपुर युद्ध में महाराजा कूलचंद्र ध्वज सिंह के साथ मणिपुर के कई स्वतंत्रता सेनानियों को सजा के तौर पर अंडमान निकोबार के सेलुलर जेल यानी काला पानी भेज दिया गया था,हालांकि उस समय तक जेल का निर्माण पूरा नहीं हुआ था अतःइन कैदियों को माउंट हैरियट पर रखा गया था।

3:क्यों हुआ यह युद्ध- इसकी शुरुआत राजमहल में वर्षों से चली आ रही आंतरिक कलह से हुई,क्योंकि 1886 में जब सूरचंद्र को अपने पिता चंद्रकीर्ति से सिंहासन मिला तो मणिपुर का राज्य ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं था,लेकिन विभिन्न संधियों के माध्यम से ब्रिटिश शासन के तहत आ गया, सुरचंद्र के सिंहासन पर बैठते ही इनके भाइयों कुलचंद्र और टिकेंद्रजीत ने उनके खिलाफ विद्रोह कर दिया ,18 90 में तख्तापलट द्वारा सूरचंद्र को हटा दिया गया तथा कुलचंद्र को राजा घोषित किया गया,इससे नाराज होकर सूरचंद्र ब्रिटिश सरकार से मदद लेने के लिए कोलकाता चला गया,अंग्रेज सरकार ने असम के मुख्य आयुक्त जेम्स क्विंटन को सेना के साथ मणिपुर भेजा इनके अनुसार कुलचंद्र को राजा के रूप में इस शर्त के तहत मान्यता देना था कि उन्हें तख्तापलट के नेता टिकेंद्रजीत को गिरफ्तार करने और उन्हें मणिपुर से निर्वासित करने की इजाजत दी जाए,परंतु राजा ने ब्रिटिश कानून के इस अतिक्रमण को खारिज कर दिया जिसके परिणाम स्वरूप 1891 का एंग्लो मणिपुर युद्ध शुरू हो गया।

4:परिणाम क्या रहा- युद्ध के पहले चरण में अंग्रेजों ने आत्मसमर्पण कर दिया,और उनके अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से मार दिया गया था,परंतु दूसरे चरण में अंग्रेजों ने मणिपुर पर तीन ओर से हमला किया और अंततः इंफाल के कांगला किले पर अधिकार कर लिया,टिकेंद्रजीत के साथ 4 लोगों को फांसी दे दी गई,जबकि कुलचंद्र और इनके 22 साथियों को अंडमान द्वीप समूह भेज दिया गया था,हालांकि इसमें अंग्रेजों के पांच महत्वपूर्ण अधिकारी भी मारे गए थे,इसके बाद मणिपुर आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश राज के अप्रत्यक्ष शासन के अंतर्गत एक रियासत बन गया।

7-फोर्टीफाइड राइस

यह चर्चा में क्यों है –पूरे देश में फोर्टीफाइड राइस बांटने की केंद्र सरकार की योजना है इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम (ICDS) एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना जिस का पुराना नाम मिड डे मील स्कीम है के जरिए यह चावल बांटा जाएगा।

प्रमुख तथ्य -1:क्या है फोर्टीफाइड राइस-इसमें आयरन,विटामिन B12, फोलिक एसिड पाया जाता है फोर्टिफिकेशन के जरिए फोर्टीफाइड राइस का निर्माण किया जाता है यह एक प्रक्रिया है जिसके तहत खाद्य पदार्थों में विटामिन,खनिज आदि जैसे जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ाया जाता है चावल के फोर्टिफिकेशन में टूटे हुए चावल को पीसकर पाउडर बना दिया जाता है और फिर उसमें आयरन.विटामिन B12 आदि जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं उसके बाद एक विशेष प्रक्रिया का प्रयोग करते हुए गुठली के रूप में इसे तैयार किया जाता है इसके बाद सामान्य चावल के साथ 1:100 के अनुपात में मिश्रित कर इस चावल को तैयार किया जाता है।

2:यह चावल कुपोषण और एनीमिया को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता हैं।

3:फोर्टीफाइड राइस के वितरण के लिए योजना को फरवरी 2019 में मंजूरी मिली थी यह एक केंद्र द्वारा प्रायोजित पायलट बेसिस पर चलाया चलाई जाने वाली योजना है, इस योजना के लिए 3 सालों के लिए कुल 174.6 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

4:वर्तमान में फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया(FCI) 1 साल में 15,000 टन फोर्टीफाइड चावल का सप्लाई करता है जिसे खाद्य मंत्रालय ने इसे बढ़ाकर कम से कम 1.3 लाख टन करने को कहा है।


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