ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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GYANWAPI MASJID MAMALA-SC
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश
Photo:Twitter

सन्दर्भ-:सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 को वाराणसी प्रशासन को एक वीडियो सर्वेक्षण के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर एक शिवलिंग पाए जाने वाले क्षेत्र की रक्षा और सील करने का निर्देश दिया।
:हालांकि,शीर्ष अदालत ने, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मुसलमानों को नमाज़ अदा करने के लिए मस्जिद में प्रवेश करने से रोका नहीं जाए।
प्रमुख तथ्य-:अदालत ने यह भी कहा कि प्रार्थना या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान के लिए परिसर में मुसलमानों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।
:बेंच,प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की याचिका पर सुनवाई कर रही थी,जो वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के मामलों का प्रबंधन करती है।
:जिस क्षेत्र में शिवलिंग मिले,उसकी रक्षा की जाए,आदेश किसी भी तरह से नमाज़ या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मुसलमानों के मस्जिद में प्रवेश को प्रतिबंधित या बाधित नहीं करेगा।
:SC के आदेश ने एक ट्रायल जज के फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें केवल 20 मुसलमानों को नमाज के लिए मस्जिद में प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी।
:शीर्ष अदालत ने उस वादी को एक नोटिस जारी किया जिसकी याचिका पर निचली अदालत ने मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश दिया था और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 19 मई 2022 को पोस्ट किया था।

क्या है मामला:

:दरअसल 1991 में याचिकाकर्ता स्थानीय पुजारियों ने वाराणसी कोर्ट में एक याचिका दायर की और ज्ञानवापी मस्जिद एरिया में पूजा करने की इजाजत मांगी थी।
:इस याचिका में कहा गया कि 16वीं सदी में औरंगजेब के आदेश पर काशी विश्वनाथ मंदिर के एक हिस्से को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया था जिसमें अभी भी देवी देवताओं की मूर्तियां है ऐसा दावा किया गया और परिसर में पूजा अर्चना की मांग की गई है।
:इसी आधार पर वाराणसी की एक अदालत के आदेश के बाद आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने ज्ञानवापी मस्जिद का तीन दिन का सर्वे कराया. अब सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी गई।
:हिंदू पक्ष का कहना है कि सर्वे के दौरान मस्जिद के अंदर शिवलिंग मिल गया है,जबकि मुस्लिम पक्ष इन दावों को खारिज कर रहा है।


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