उत्तर प्रदेश प्रवर (UPPER) अधिनष्ठ परीक्षा/PCS-ACF/RFO परीक्षा

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एक परिचय-उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एक राज्यस्तरीय संगठन है जो उत्तर प्रदेश में राज्यभर्ती परीक्षा आयोजित करते हैं इस परीक्षा को सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा सामान्य एवं विशेष परीक्षा के नाम से जाना जाता है,सामान्य रूप से इस परीक्षा को यूपीपीसीएस परीक्षा के नाम जानते हैं यह सर्वाधिक लोकप्रिय परीक्षा है जिसके द्वारा डिप्टी कलेक्टर,पुलिस उप अधीक्षक,असिस्टेंट कमिश्नर, जैसे राज्य की प्रमुख प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्ति किया जाता है।

परीक्षा की प्रकृति- इस परीक्षा को सम्मानित 3 चरणों में पूरा किया जाता है

1-प्रारंभिक परीक्षा 2-मुख्य परीक्षा और 3-साक्षात्कार

कब आती है अधिसूचना– सामान्य तौर पर प्रतिवर्ष फरवरी या मार्च के महीने में अधिसूचना को आयोग द्वारा जारी किया जाता है इसकी प्रारंभिक परीक्षा जून एवं मुख्य परीक्षा का आयोजन अक्टूबर में किया जाता है अपरिहार्य अवस्था में इसे बदला जा सकता है जैसे 2020 एवं 2021 में प्री परीक्षा काआयोजन अक्टूबर में हुआ।

पीसीएस परीक्षा पात्रता मापदंड-शैक्षिक योग्यता इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन पत्र स्वीकार किए जाने की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी को भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी भी विश्वविद्यालय की स्नातक डिग्री या समकक्ष अर्हता पूरी करनी चाहिए। इसकी विस्तृत जानकारी अभ्यर्थी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना से अवश्य करें कुछ पदों के लिए आयोग अभ्यर्थियों से विशेष योग्यता की मांग करता है।

जो अभ्यर्थी अपने अंतिम वर्ष या सेमेस्टर का परिणाम घोषित होने की प्रतीक्षा कर रहे हो मैं वे भी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उन्हें विस्तृत आवेदन पत्र जमा करने के समय अपना अंतिम वर्ष या सेमेस्टर का मार्कशीट जमा करना होगा।

वैवाहिक स्थिति- इस परीक्षा के लिए विवाहित और अविवाहित पुरुष या महिला अभ्यर्थी आवेदन करने के बाद के सकते है परंतु ऐसे विवाहित पुरुष अभ्यर्थी जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नी हो तथा महिला अभ्यर्थी जिन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया जिसकी पहले से ही एक जीवित पत्नी है इस परीक्षा योग्य नहीं होंगे जब तक की राज्य के महामहिम राजयपाल द्वारा न्यायोचित अनुमति प्रदान न कर दी गयी हो। विस्तृत जानकारी के लिए अधिसूचना का अवलोकन करें।

आयु सीमा- आवेदन करने की समय विद्वानों की आयु सीमा 1 जुलाई 2021 तक 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए हालांकि नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाती है- प्रथम उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़े वर्ग की अभ्यर्थियों तथा उत्तर प्रदेश के वर्गीकृत खेलों की कुशल खिलाड़ी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाती है यह छूट केवल उत्तर प्रदेश की मूलनिवासी के लिए ही उपलब्ध होती है।

द्वितीय-जबकि उत्तर प्रदेश के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 15 वर्ष की छूट दी जाती है।

साथ ही उत्तर प्रदेश के आपात कमीशन प्राप्त अधिकारियों/अल्प कमीशन प्राप्त अधिकारियों/भूतपूर्व सैनिकों के लिए जिन्होंने सेना में 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो समूह (ख) के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट आती है परंतु पदों के लिए आरक्षण नहीं दिए जाते।

प्रयासों की संख्या- आयोग द्वारा जारी अधिकतम आयु सीमा तक

शारीरिक मापदंड- आयोग परीक्षा के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों के लिए कठोर शारीरिक मापदंड का पालन करता है खास तौर पर कुछ पदों जैसे पुलिस उपाधीक्षक,अधीक्षक कारागार, जिला कमांडेंट होमगार्ड, आबकारी निरीक्षक आदि उपलब्ध होने की दशा में संबंधित सेवा नियमावली अधियाचन के अनुसार अभ्यर्थियों पर शारीरिक मापदंड लागू रहेगा ।इसकी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना से प्राप्त करें।

आवेदन प्रक्रिया- आवेदन की प्रक्रिया अभ्यर्थी आयोग के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता, संपर्क विवरण ,परीक्षा केंद्र, स्कैन फोटो और हस्ताक्षर, और निर्धारित शुल्क द्वारा पूरी कर सकते हैं, तथा समय-समय पर अग्रिम सूचनाओं के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें।

आवेदन शुल्क- द्वारा प्रारंभिक परीक्षा हेतु श्रेणी बार निर्धारित शुल्क मांगा जाता है अनारक्षित और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ₹125 तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए परीक्षा शुल्क ₹65, विकलांग श्रेणी के लिए परीक्षा शुल्क ₹25

पाठ्यक्रम-प्रारंभिक परीक्षा – इस परीक्षा में दो अनिवार्य प्रश्न पत्र सामान्य ज्ञान पेपर-1 व सामान्य अध्ययन-2(CSAT) के रूप में पूछे जाते हैं जिसमें प्रश्नों की संख्या क्रमशः 150 और 100 होती है तथा इसकी प्रकृति वस्तुनिष्ठ होती है परीक्षा एक ही दिन में दो पाली के तहत संपन्न होती है समय 9:30 से 11:30 a.m. एवं 2:30 से 4:30 पीएम, दोनों प्रश्न पत्रों के निर्धारित अंक 200-200 हैं, प्रश्न पत्र -2 केवल क्वालीफाइंग प्रकृति का होता है जिस में सफल होने के लिए न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है अभ्यर्थियों की योग्यता क्रम का निर्धारण उनकी प्रथम प्रश्न पत्र के अंकों के आधार पर किया जाता है प्रारंभिक परीक्षा की प्रकृति क्वालीफाइंग होती है, इसमें प्राप्त अंको को मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के अंकों के साथ नहीं जोड़ा जाता है परीक्षा में गलत उत्तर देने पर दंड स्वरूप वन थर्ड अंक काट लिए जाते हैं।

  • सामान्य अध्ययन -1: प्रमुख विषय –भारतीय इतिहास: प्राचीन, मध्यकालीन,आधुनिक
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं
  • आधुनिक भारतीय शासन और राजनीति
  • भारतीय और विश्व भूगोल: भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल
  • सामाजिक और आर्थिक विकास
  • सामान्य विज्ञान
  • पर्यावरण पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता
  • सामान्य अध्ययन -2/सीसैट-अंतर वैयक्तिक एवं संचार कौशल
  • कॉम्प्रिहेंशन
  • विश्लेषणात्मक और तार्किक क्षमता
  • समस्या समाधान एवं निर्णय क्षमता
  • सामान्य मानसिक योग्यता
  • सामान्य अंग्रेजी (कक्षा 10वीं स्तर )
  • सामान्य हिंदी (कक्षा 10वीं स्तर )
  • प्रारंभिक गणित (कक्षा X स्तर – बीजगणित, ज्यामिति, अंकगणित और सांख्यिकी)

मुख्य परीक्षा- मुख्य प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न केंद्रों पर आयोजित किया जाता है जो विषय के अनुसार एक से अधिक दिनों तक चलती है मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र भी अनिवार्य एवं वैकल्पिक विषय के रूप में विभाजित होती है अनिवार्य विषय में सामान्य अध्ययन के 4 प्रश्न पत्र तथा सामान्य हिंदी एवं निबंध के प्रश्न पत्र होते हैं जबकि वैकल्पिक विषय में आयोग द्वारा विज्ञप्ति में दिए गए विषय मैसे चयनित एक विषय होता है, जिसके दो प्रश्नपत्र होते हैं तथा सभी वर्णनात्मक होते है, मुख्य परीक्षा 1500 अंकों की होती है जिसमें समान अध्ययन के चारों प्रश्न पत्रों अंक 200-200 अंको से निर्धारित है तथा प्रत्येक की समयावधि 3 घंटे की होती है जबकि वैकल्पिक विषय के दोनों प्रश्न पत्र 200-200 अंक के होते हैं जबकि अनिवार्य समान हिंदी के लिए 150 अंक एवं निबंध के लिए 150 अंक निर्धारित किए गए होते हैं। इन सभी के साथ साक्षात्कार के अंगों को जोड़ करें अंतिम का परिणाम घोषित किया जाता है।

जीएस -1भारतीय विरासत एवं संस्कृति प्राचीन मध्यकालीन आधुनिक भारतीय इतिहास विश्व इतिहास भारत एवं विश्व का भूगोल तथा भारतीय समाज।

जीएस-2 राजव्यवस्था शासन सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध।

जीएस 3, अर्थव्यवस्था कृषि पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण आपदा प्रबंधन विज्ञान और तकनीक सुरक्षा के मुद्दे।

जीएस 4, एथिक्स इंटीग्रिटी एंड एप्टीट्यूड।

निबंध-इस प्रश्नपत्र में तीन खंड  होंगे,प्रत्येक खंड से एक विषय का चयन कर प्रत्येक पर 700 शब्दों एक निबंध लिखना होगा।

खंड-1,साहित्य और संस्कृति सामाजिक क्षेत्र राजनीतिक क्षेत्र।

खंड-2,विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आर्थिक क्षेत्र, कृषि उद्योग और व्यापार।

खंड- 3,राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं प्राकृतिक आपदाएं, भूस्खलन, भूकंप, जल प्रलय, सुखा, आदि राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और परियोजनाएं।

सामान्य हिंदी संक्षेपण, दिए गए गद्य खंड का अवबोध एवं प्रश्न उत्तर सरकारी एवं अर्ध सरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, परिपत्र, अधिसूचना।शब्द ज्ञान एवं प्रयोग जिसके अंतर्गत उपसर्ग एवं प्रत्यय, विलोम शब्द, वर्तनी, वाक्य शुद्ध शब्द, शब्द,समूह के लिए एक शब्द, लोकोक्ति और मुहावरे।

साक्षात्कार- इस परीक्षा का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण होता है यह कुल 100 अंकों का होता है अंको की दृष्टि से कम लेकिन अंतिम चयन एवं पद निर्धारण में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है,अंतिम चयन मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के योग के आधार पर बनाई गई मेधा सूची के आधार पर होता है,साक्षात्कार में अभ्यर्थियों की सामान्य जागरूकता,बुद्धि,चरित्र,अभिव्यक्ति की क्षमता,एवं सेवा के लिए विशेष समझ को परखा जाता है।

उम्मीद करता हु की उत्तर प्रदेश राज्य सेवा से सम्बंधित सुचना आपके काम आएगी , समय-समय पर इसमें अद्यतन सूचनाओं को जोड़ा जाता रहेगा ताकि आपकी जानकारी को विस्तृत दिशा मिल सके, किसी भी तरह के सुझाव के लिए संपर्क कर सकते है,info@gkvidya।com और trygkvidya@gmail.com


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