ई-गवर्नेंस 2021 पर 24वां राष्ट्रीय सम्मेलन हैदराबाद में संपन्न

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ई-गवर्नेंस 2021 पर 24वां राष्ट्रीय सम्मेलन हैदराबाद में

सन्दर्भ– हाल ही में 7-8 जनवरी 2022 को तेलंगाना स्थित हैदराबाद में 24वां ई-गवर्नेंस राष्ट्रीय सम्मेलन(इनसीईजी) 2021 किया गया।
थीम था-“भारत का टेकेड:महामारी उपरांत की दुनिया में डिजिटल गवर्नेंस”
प्रमुख तथ्य-:इसका आयोजन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग,और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय,भारत सरकार ने तेलंगाना सरकार के सहयोग से किया गया।
:केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
:इस सम्मेलन ने सभी प्रतिभागी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकार की टीमों को ई-गवर्नेंस को प्रोत्साहन देने के लिए नवीनतम अवधारणाओं और प्रौद्योगिकीयों पर व्यापक नजरियें से रूबरू करवाया गया।
:इस दो दिवसीय सम्मलेन में 6 महत्वपूर्ण उप विषयों पर विचार विमर्श किया गया-
1-आत्मनिर्भर भारत
2-उभरती प्रौद्योगिकी
3-भारत का टेकेड डिजिटल अर्थव्यवस्था
4-सुशासन के लिए प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप के माध्यम से जीवन की सुगमता
5-गवर्मेंट प्रॉसेस री-इंजीनिरिंग और सरकारी प्रक्रियाओं में नागरिकों की भागीदारी
6-सार्वजानिक सेवाओं का सार्वभौमीकरण नवाचार को मंच प्रदान करने के लिए नेटवर्क तैयार
:ई-गवर्नेंस क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने हेतु”वॉल ऑफ़ फेम” सहित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
:राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस 2021 पुरस्कार भी प्रदान किए गए,जिसमे 6 श्रेणियों के तहत कुल 26 पुरस्कार प्रदान किए गए इसमें शामिल है 12 गोल्ड,13 सिल्वर और 1 ज्यूरी अवार्ड।
:यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों,राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें,जिलों,स्थानीय निकायों,सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों,शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों।
:इस सम्मलेन में देश भर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी,उद्योग के दिग्गज,और शोधकर्ता शामिल थे।
;सभी सत्रों का केंद्र नागरिकों के लाभ के लिए प्रभावी ई-गवर्नेंस उपकरण साझा करने के अनुभव द्वारा सीखने और प्रधानमंत्री के’मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस के विज़न को हासिल करने पर था।
हैदराबाद घोषणा है-आयोजित सम्मेलन के दौरान भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा डिजिटल सेवाओं में क्रांति के लिए एक संकल्प है-जिसमे निर्धारित 15 प्रमुख घोषणाएं है-
1-डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से नागरिकों और सरकार को करीब लाना।
2-आधार,यूपीआई,डिजिलॉकर,उमंग,ई-हस्ताक्षर,सेवाएँ
3-ओपन इंटर-ऑपरेबल आर्किटेक्चर को अपनाकर कृषि,स्वास्थ्य,शिक्षा जैसे क्षेत्रों में डिजिटल प्लेटफार्म का तेजी से क्रियान्वयन।
4-आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स,मशीन लर्निंग,ब्लॉक चेन,5G,ऑगमेंटेड रियलिटी,वर्चुअल रियलिटी,के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहन देना।
5– डेटा संग्रह, डेटा हार्वेस्टिंग, डेटा गोपनीयता, डेटा को गुमनाम रखने, डेटा सुरक्षा और डेटा संरक्षण के लिए प्रोटोकॉल सक्षम करना।
6-भविष्य की की प्रौद्योगिकियों के लिए कुशल संसाधनों के बड़े पूल के निर्माण के माध्यम से भारत को उभरती हुई प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बनाना।
7– महामारी से निपटने केलिए मजबूत प्रौद्योगिकी समाधानों के साथ लचीला सरकारी ढांचा सुनिश्चित करना।
8-चालू सरकारी सेवाओं में अनुसन्धान और विकास और प्रक्रिया पुनर्रचना की भावना को बढ़ावा देना।
9-सभी मंत्रालयों और विभागों में ई-ऑफिस वर्जन 7.0 को अपनाना।


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